जूनियर डॉक्टरों पर गिरी गाज, स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई का आदेश जारी कर कहा- 'NO WORK NO PAY'

जूनियर डॉक्टरों पर गिरी गाज, स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई का आदेश जारी कर कहा- 'NO WORK NO PAY'

डेस्क... बिहार सरकार ने राज्य के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपना लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने जारी अपने एक आदेश में हड़ताली जूनियर डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं। हड़ताल की अवधि का स्टाइपेंड नहीं देने के साथ कई और कार्रवाई के आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि जूनियर डॉक्टर बिना सूचना के हड़ताल पर चले गए हैं। 

लिहाजा, सभी मेडिकल कॉलेज अनुशासन समिति की बैठक बुलाकर इस संबंध में उचित निर्णय लें। साथ ही अगर कोई दुनिया डॉक्टर इलाज करने ऑपरेशन या अन्य काम करने में बाधा पहुंचाते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया है। आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि जो जूनियर डॉक्टर काम नहीं करेंगे, उन्हें हड़ताल की अवधि का स्टाइपेंड भुगतान नहीं किया जाएगा। 'नो वर्क नो पे' के तहत या कार्रवाई की जाएगी।

 डॉक्टरों की समस्या का होगा समाधान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की है। हड़ताल के संबंध में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से जो समस्याएं उत्पन्न हुई है, इसका विचार हमारे चिकित्सकों को निश्चित रूप से करना होगा। डॉक्टर के समस्याओं पर सरकार विचार कर रही है। 


इससे पहले पिछले चार दिनों से अपनी मांगों को लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। शुक्रवार को क्रिसमस की छुट्टी होने के कारण मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। इमरजेंसी में वरीय चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज किया, लेकिन शुक्रवार देर शाम से वार्डों में भर्ती मरीजों की परेशानी बढ़ गई। जूनियर डॉक्टर तो गायब ही थे वरीय चिकित्सक भी क्रिसमस की छुट्टी पर रहे।  

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