भारत बंद को लेकर महागठबंधन के नेताओं ने की बैठक, कहा खेती-किसानी में कंपनी राज बर्दाश्त नहीं की जाएगी

भारत बंद को लेकर महागठबंधन के नेताओं ने की बैठक, कहा खेती-किसानी में कंपनी राज बर्दाश्त नहीं की जाएगी

GAYA : किसान विरोधी तीनों कृषि कानून को वापस करने, प्रस्तावित बिजली बिल 2020 को निरस्त करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने, कमरतोड़ मंहगाई, डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस की बेतहाशा मूल्य वृद्धि और किसानों को सर्व सुलभ सस्ती यूरिया खाद को उपलब्ध कराने के सवाल पर किसान संगठनों के आह्वान पर 27 सितंबर भारत बंद का एलन किया गया है। इसे सफल करने के लिए महागठबंधन में शामिल दलों राजद, कांग्रेस, भाकपा-माले, भाकपा, माकपा के नेताओं की बैठक भाकपा-माले जिला कार्यालय रमा भवन रमना रोड में सम्पन्न हुई।

बैठक में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बाबुलालजी,राजद के महानगर अध्यक्ष जितेंद्र यादव सीपीआइ जिला मंत्री सीताराम शर्मा,मो•याहिया, माकपा के पीएन सिंह,शमीम साहेब , भाकपा-माले जिला सचिव निरंजन कुमार, रामचंद्र प्रसाद, महिला नेत्री रीता बर्णवाल आदि नेता शामिल हुए और भारत बंद को गया में सफल करने का आह्वान पार्टी कार्यकर्ताओं से किया। आज बंद की तैयारी में माइक प्रचार और नुक्कड़ सभाएं किया गया। जिसे कांग्रेस नेता विजय कुमार मिठ्ठू, माले नेत्री रीता बर्णवाल, किसान नेता नवल किशोर यादव, आनंद कुमार ने संबोधित किया।

महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि देश में पिछले दस महीने से किसान संघर्षरत हैं। लेकिन मोदी सरकार के कान पर जूं तक नही रेंग रही है। उन्होंने कहा की किसानों के समर्थन में भारत बंद किया जायेगा। खेती-किसानी में कंपनी राज बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गया से मनोज की रिपोर्ट 


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