हाईकोर्ट से बोले पुल निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक- समय के अंदर पूरी होंगी सभी परियोजनाएं, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

हाईकोर्ट से बोले पुल निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक- समय के अंदर पूरी होंगी सभी परियोजनाएं, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

पटना. पटना हाईकोर्ट ने राजीव रंजन सिंह की बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों की खस्ताहाल स्थिति से सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस मामले पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुल निर्माण करने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक ने वादा किया है कि समय सीमा के भीतर सारे परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने गंडक नदी पर पुल समेत अन्य योजनाओं के पूरा में बिलम्ब होने पर नाराजगी जाहिर की थी। कोर्ट ने वैशाली के डीएम और एनएचएआई के क्षेत्रीय पदाधिकारी को निर्देश दिया था कि कंपनी द्वारा किये जा रहे कार्यों की लगातार समीक्षा कर कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

पुल निर्माण करने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक ने कोर्ट को बताया कि सभी परियोजनाएं समय सीमा में पूरी की जाएँगी। साथ ही गंडक नदी पर पुल का निर्माण तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने गंडक नदी पर पुल, हाजीपुर के रामाशीष चौक, अजानपीर ओवर ब्रिज, बीएसएनएल गोलम्बर आदि योजनाओं का मौके पर जायजा लेने के एक टीम गठित की है।

इस टीम में सारण और वैशाली के डीएम, एनएचएआई के अधिकारी, सड़क व पुल निर्माण करने वाली कंपनी के प्रबन्ध निदेशक और अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद शामिल थे। कोर्ट ने इन्हें इन योजनाओं के अलावे अन्य अधूरे बने सड़कों का जायजा लेकर रिपोर्ट अगले सप्ताह में पेश करने का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने इस बात पर सख्त नाराजगी जाहिर की कि कोई भी परियोजना निर्धारित समय में पूरा नहीं हो रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। गंडक नदी पर पुल पूरा होने की निर्धारित समय सीमा 2013 ही थी, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं हुआ।

निर्माण कंपनी के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने कोर्ट को बताय था कि हाई वॉल्टेज ट्रांसमीटर टावर स्थानांतरित करने का कार्य होने बाद सड़क निर्माण का कार्य तत्काल शुरू हो जाएगा। वैशाली की डीएम ने कोर्ट को बताया कि हाजीपुर आरओबी बनाने का काम चल रहा और निर्धारित समय में काम पूरा हो जाएगा।

अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने बताया कि अजान पीर में जहां ओवरब्रिज बनना था, अभी तक नहीं बना है। यही नहीं, अभी एक ही लेन चालू हुआ है, जबकि दूसरे लेन का काम 12 वर्षो से लंबित हैं। इस मामलें पर अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद होगी।

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