परिवहन विभाग में ‘फिटनेस’ के नाम पर करोड़ों का होता खेल, MVI से लेकर वरीय अधिकारी तक होते हैं मालामाल !

परिवहन विभाग में ‘फिटनेस’ के नाम पर करोड़ों का होता खेल, MVI से लेकर वरीय अधिकारी तक होते हैं मालामाल !

PATNA : निगरानी विभाग ने गुरूवार को गया जिले के एमवीआई सुजीत कुमार को घूस लेते पकड़ा था। मोटरयान इंस्पेक्टर गाड़ी का फिटनेस देने के लिए घूस की रकम ले रहा था। इस मामले में एमवीआई का एक कर्मी भी गिरफ्तार हुआ था। गिरफ्तारी के बाद एमवीआई के पटना स्थित आवास पर छापेमारी में 14 लाख रू से अधिक की रकम बरामद की गई थी।

दरअसल परिवहन विभाग में गाड़ियों के फिटनेस पर हर साल करोड़ों की राशि का बड़ा खेल होता है। इस अवैध कारोबार मे एमवीआई से लेकर विभाग में उपर तक के अधिकारी शामिल होते हैं। विभाग के बड़े हाकिम सबकुछ जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं। हद तो तब हो जाती है जब भ्रष्ट एमवीआई को विभाग की तरफ से बचाने की भी कोशिश की जाती है। सचिवालय मे बैठे परिवहन विभाग के अधिकारी  फिटनेस में गड़बड़ी करने वाले भ्रष्ट एमवीआई और डीटीओ को बचाने से भी बाज नहीं आते। यह सबकुछ लक्ष्मी नारायण की कृपा से ही संभव हो पाता है।

मुजफ्फरपुर एमवीआई दिव्य प्रकाश पर थे गंभीर आरोप

न्यूज4नेशन ने खुलासा किया था कि “पटना से मुजफ्फरपुर तक पैसे का बोलबाला, जेब गरम होते ही जारी हो जाता है कोई भी आदेश”। किस तरह मुजफ्फरपुर के मोटरयान निरीक्षक (MVI) दिव्य प्रकाश ने सारे नियमों की अनदेखी कर पुलिस द्वारा जब्त कर थाने में रखे ट्रकों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया था। 

बता दें कि दिव्य प्रकाश ने दो ऐसे ट्रकों का पहला ट्रक BR06G-2467 जो रक्सौल थाना और दूसरी गाड़ी BRO6G-4920 को हरसिद्धि थाने ने जब्त कर रखा था। MVI साहब दिव्य प्रकाश ने गाड़ी संख्या BR06G 2467 और BRO6G-4920 का फिटनेस सर्टिफिकेट पुलिस द्वारा जब्त किए जाने के बाद भी जारी कर दिया। रक्सौल पुलिस ने जिस ट्रक को 1 अगस्त 2018 को जब्त किया, मुजफ्फरपुर MVI ने उसके दो दिन बाद यानी 3 अगस्त 2018 को उसी ट्रक का फिटनेस दे दिया। वही दूसरा ट्रक जो हरसिद्धि थाने ने जब्त कर रखा था, उस गाड़ी को भी एमवीआई ने मुजफ्फरपुर में बैठे-बैठे फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

बर चलने के बाद शुरू हुई थी जांच

विभाग के जानकार सूत्र बताते हैं कि इस फर्जीवाड़ा के खुलासे के बाद जांच की फाइल दौड़ी। खुद विभाग के सचिव संजय अग्रवाल ने कहा था कि एमवीआई दिव्य प्रकाश के खिलाफ जांच की जा रही है।जांच के बाद कार्रवाई होगी। लेकिन जानकार सूत्र बताते हैं कि कुछ दिन के बाद किसी अदृश्य दबाव के बाद फाइल को डंप करा दिया गया। चर्चा थी कि एमवीआई के फर्जीवाड़े वाली फाइल को डंप कराने में लक्ष्मी नारायण की कृपा थी। दरअसल विभाग के अधिकारियों की लक्ष्मी नारायण में आस्था कुछ ऐसी है कि सरकारी कायदे  कानून को ताक पर रखनें में देर नहीं लगती।

पटना डीटीओ कार्यालय में फर्जीवाड़े मामले की भी जांच अबतक लंबित

हालांकि पटना डीटीओ कार्यालय में भी DJ सीरीज के RC जारी करने में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की बात सामने आयी थी। उस मामले की भी जांच के आदेश दिए गए, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने खुद स्वीकार किया था कि दोनों मामले मे जांच की जा रही है। काफी दिन बीतने के बाद भी जांच मे क्या हुआ यह बताने के लिए कोई तैयार नहीं। जानकार बताते हैं कि खुलेआम फर्जीवाड़ा करने वाले एमवीआई दिव्य प्रकाश पर विभाग के बड़े हाकिम की मेहरबानी है।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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