देश का सबसे बड़ा पॉलिटिकल ठग का नाम है नीतीश कुमार, इनका काम गांधी के नाम को बेचकर समाज को ठगना..

देश का सबसे बड़ा पॉलिटिकल ठग का नाम है नीतीश कुमार, इनका काम गांधी के नाम को बेचकर समाज को ठगना..

PATNA : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर छद्म काम करने वाले देश के कुछ नेताओं में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी है। गांधी जी के बताए सात समाजिक पापों को सरकारी हर दफ्तर पर लिखवा तो दिए है लेकिन, खुद उसका पालन नही करते है बल्कि उन सातों पापों को आत्मसात कर चुके है।  नीतीश कुमार सात समाजिक पापों से उलट काम करते है और लोगों के आंखों में धूल झोकतें है। महात्मा गांधी के सामाजिक सात पापों को नीतीश कुमार ने अपने तरीके से परिभाषित करते है।   भाजपा प्रवक्ता व पूर्व विधायक मनोज शर्मा ने इस दौरान नीतीश कुमार की सात पापों के बारे में भी बताया है। 

1. सिद्धांत के बिना राजनीति - महात्मा गांधी के पहले पाप को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हृदय के गहराइयों के साथ आत्मसात किया है। नीतीश जी राजनीति तो करते है लेकिन, सिद्धांत विहीन। 18 साल में दो बार भाजपा को धोखा दिया, दो बार लालू यादव को धोखा दिया और एक बार जीतनराम मांझी को धोखा दिया। नीतीश कुमार सिद्धांत विहीन राजनीति के लिए जाने जाते है जाने जायेंगें। 

2. कर्म के बिना धन- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई ऐसी नीतियां बनाई है जिमसें कर्म बिना ही लोग धन बना रहे है। उदाहरण के तौर पर नीतीश कुमार ने जिसे उपमुख्यमंत्री बनाया है उनका राजनीति कर्म क्या है। तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को नीतीश जी ने ही बिना कर्म के राजनीति करने का मौका दिया। 

 3. आत्मा के बिना सुख- अब ये तो नीतीश कुमार ही बताएंगे कि बिना कारण बताए उन्होंने भाजपा का साथ क्यों छोड़ दिया। किस आत्मा का सुख उठाने के लिए नीतीश कुमार ने एनडीए का साथ छोड़ा। 

4. चरित्र के बिना धन- सभी कार्यालयों पर महात्मा गांधी के इस सात पापों को लिखवाया तो गया है लेकिन, सरकारी कार्यालयों में बिना घुस दिए कोई भी काम करना मुश्किल ही नही नामुमकिन है। इस तरह नीतीश कुमार ने सिर्फ बोर्ड पर महात्मा गांधी के पाप को लिखवा कर अपने आप को पाक साफ समझ रहे है। लेकिन, यदि किसी सरकार में यदि घूसखोरी होती और एक गरीब उससे परेशान होता है तो उसकी आंच सरकार के मुखिया पर भी पड़ती है। 

5. नैतिकता के बिना व्यापार-  बालू और शराब का अवैध धंधा बिहार में धड़ल्ले से चल रहा है। सरकार के नाक के नीचे सरकारी मुलाजीमो के मिलीभगत से सरकार के बराबर का अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है। 

6. मानवीयता के बिना विज्ञान- ये समझ उनको आता है जो अपने नैतिकता के साथ और अपने कर्म के रास्ते पर चलकर सिद्धांत की राजनीति करते है। नीतीश सरकार विज्ञान का भरपूर उपयोग शराब और शराबियों को ढूंढने में कर रही है। 

7. त्याग के बिना पूजा- कुर्सी कुमार के नाम से विश्वविख्यात नीतीश कुमार  कभी कुर्सी का त्याग नही कर सकते है। सबकुछ त्याग कर सकते है लेकिन पूजा ये बस कुर्सी की करते है। इसके लिए अपनी नैतिकता और सिद्धांत को ताक पर रख देते है।

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