CM नीतीश से फरियाद करने वालों को 'भूखे' रख रहे अफसर, जनता दरबार में युवक ने खोली पोल तो हतप्रभ रह गये मुख्यमंत्री

CM नीतीश से फरियाद करने वालों को 'भूखे' रख रहे अफसर, जनता दरबार में युवक ने खोली पोल तो हतप्रभ रह गये मुख्यमंत्री

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आज जनता दरबार था। मुख्यमंत्री ने आज पंचायती राज,जल संसाधन,ग्रामीण कार्य विभाग समेत कई विभागों की शिकायतें सुनी। पश्चिम चंपारण से आये एक रिटायर्ड व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमारा गांव यूपी में मिला दिया जाए।क्यों कि हमारा गांव कुशीनगर से एक किमी की दूरी पर है। एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुजारिश किया कि सर...जनता दरबार बंद मत करियेगा। आपके जनता दरबार में आवेदन दिये और जर्जर तार हट गया। वहीं शेखपुरा के बरबीघा का एक शख्स सीएम नीतीश के पास से तब नहीं जाने का हठ करने लगा जबतक की उसके बकाये पैसे की वापसी नहीं हो जाती। पटना के एक शख्स ने सीएम नीतीश से कहा कि उद्योग विभाग में फर्जी काम हुआ है। पत्नी के नाम पर फर्जी दस्तखत करके सब्सिडी की निकासी करा ली गई। यह बड़ा घोटाला है और तत्कालीन उद्योग मंत्री और राजद नेता की मिलीभगत से बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। राजद नेता के बेटे के नाम पर कंपनी है उसी ने घोटाला किया है। यह सुन मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दिये। 

भोजन में भी डंडी मार रहे अफसर

सिवान से आये एक युवक ने सीएम नीतीश से कहा कि सर...सुबह से भूखे हैं। अधिकारी हमलोगों को भूखे छोड़ दिये हैं। सिवान से जो गाड़ी पर लगाया गया है वो बहुत ही खराब है। यह सुन सीएम नीतीश भौंचक्के रह गये। यह बात सुनते ही मुख्यमंत्री ने उस युवक को कहा रूको-रूको,क्या कहा..गाड़ी खराब है और भोजन भी नहीं दिया गया ? इस पर उस युवक ने कहा कि सर सुबह से अबतक भूखे हैं। इस पर सीएम नीतीश ने सीएम सचिवालय के अधिकारियों को कहा कि देखिए इस मामले को। इन लोगों को भोजन भी नहीं मिला है। गाड़ी भी बता रहा है कि खराब है। दरअसल कोरोना की वजह से सीएम नीतीश के जनता दरबार में आने वाले फरियादियों को सरकार खुद गाड़ी में बिठाकर पटना लाती है। साथ ही भोजन की भी व्यवस्था है। लेकिन अफसर उसमें भी डंडी मार रहे। 

तत्कालीन उद्योग मंत्री श्याम रजक पर भी आरोप

पटना के फरियादी ने सीएम नीतीश से कहा कि उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। उस समय उद्योग विभाग के मंत्री श्याम रजक थे। दानापुर के राजद के पूर्व प्रत्याशी सच्चिदानंद राय ने मंत्री श्याम रजक से मिलकर बड़ी गड़बड़ी की। हमने शिकायत की तो आरोपी ने मंत्री से मिलकर मामले को रफा-दफा करा दिया। यह शिकायत सुन सीएम नीतीश ने तुरंत उद्योग विभाग के मंत्री को फोन लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले को तुरंत देखिए। आरोप है कि 2 साल पहले ही आवेदन दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को देखिए और तुंरत एक्शन लीजिए। 

हुजूर हम नहीं जायेंगे

दरअसल शेखपुरा से आये एक फरियादी ने सीएम नीतीश से शिकायत किया कि पैक्स में धान बेचे लेकिन उनका पैसा साल भर में भी नहीं मिला। यह सुन सीएम नीतीश ने सहकारिता विभाग के सचिव को फोन लगाकर कहा इस मामले को देखने को कहा। सीएम ने इस समस्या के समाधान के आदेश दिये. इधर फरियादी हाथ जोड़कर कहने लगा कि हम नहीं जायेंगे। हम माफी मांगते हैं लेकिन हमारा पैसा वापस कराइए। शख्स जिद पर अड़ गय़ा। इसके बाद सीएम नीतीश गुस्सा गये। उन्होंने कहा कि सुना नहीं हमने अधिकारी को फोन किया। सीएम नीतीश के शख्त होने के बाद सुरक्षाकर्मी उसे वहां से हटाए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को कहा कि लगता है कि हमारी बात को फरियादी ठीक से सुन नहीं रहा। लिहाजा सुनने की बेहतर व्यवस्था करिए।  

सीएम नीतीश ने किया आश्वस्त-जनता दरबार बंद नहीं होगा

युवक की इस बात को सुन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गदगद हो गये। युवक द्वारा जनता दरबार बंद नहीं करने की गुजारिश पर उन्होंने कहा कि जनता दरबार बंद क्यों करेंगे। पांच साल बाद शुरू किये हैं। पांच साल तक जनता दरबार बंद रहा था। सीएम नीतीश ने आश्वस्त किया कि जनता दरबार अब बंद नहीं होगा। 

हुजूर...हमारे गांव को यूपी में मिला दीजिए

वृद्ध की यह मांग सुन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हंसने लगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कैसे संभव है। आपके गांव को कुशीनगर में मिला दिया जाए। सीएम नीतीश ने कहा कि आप अपने गांव की समस्या बताइए,कोई समस्या है तो उसे दूर किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें पथ निर्माण विभाग के अधिकारी के पास भेज दिया। 

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