जनता ने महागठबंधन को भ्रष्टाचार रोकने के लिए जनादेश दिया था, करने के लिए नही, लालू की चिट्टी पर त्यागी का पलटवार

जनता ने महागठबंधन को भ्रष्टाचार रोकने के लिए जनादेश दिया था, करने के लिए नही, लालू की चिट्टी पर त्यागी का पलटवार

PATNA : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के सीएम नीतीश के खिलाफ लिखे गये खुले पत्र ने प्रदेश की राजनीति को गर्म कर दिया है। चिट्टी के बाद जेडीयू द्वारा लगातार राजद पर हमले का सिलसिला जारी है। 

जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने लालू प्रसाद के खुले पत्र पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन को जनता ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए जनादेश दिया था, करने के लिए नहीं।

ईडी, सीबीआई के छापे के बाद सरकार में डिप्टी सीएम के पद पर बैठे तेजस्वी यादव को स्पष्टीकरण देने के लिए काफी वक्त दिया गया। फिर सरकार से अलग होने का निर्णय हुआ। जदयू ने राजद की पीठ पर छुरा नहीं घोंपा, सीने पर वार किया।

वहीं त्यागी ने कहा कि जेल से चिट्ठी लिखना, चुनाव प्रचार करना, टेपरेकॉर्डर से अपील जारी करना जेल मैनुअल के खिलाफ है। हम इसे झारखंड सरकार पर छोड़ते हैं। वैसे लालू प्रसाद की फोनिक बातचीत पर नजर रखने के लिए आईजी की तैनाती का हम स्वागत करते हैं। 

बता दें कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने को कहा है कि मुख्यमंत्री क्या जानें वैचारिक और सैद्धांतिक उसूलों को। डरकर शॉर्टकट ढूंढ़ना और अवसर देख समझौता करना उनकी पुरानी आदत है। 

लालू प्रसाद ने कहा है कि ऐसा लगता है कि सीएम को आजकल उजालों से कुछ ज्यादा ही नफरत हो गयी है। दिनभर लालू और उसकी लौ लालटेन-लालटेन का जाप करते रहते हैं, लेकिन उन्होंने 11 करोड़ गरीब जनता की पीठ में विश्वासघाती तीर ही ऐसे घोंपा है कि लालटेन हर जगह जलता दिखेगा। 

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