अपने आशियाना को लेकर मल्हार बस्ती के लोगो ने किया प्रदर्शन, कहा पहले बसाये फिर उजाड़े

अपने आशियाना को लेकर मल्हार बस्ती के लोगो ने  किया प्रदर्शन, कहा पहले बसाये फिर उजाड़े

RAMGADH : रामगढ़ के वन भूमि में मल्हार बस गए है. जिला प्रशासन उन्हें वहाँ से हटाने पर तुला है. कई बार वन विभाग के अधिकारी उन्हें वहाँ से हटाने के लिए बुलडोजर लेकर जा चुके हैं. इस मामले को लेकर शुक्रवार को मल्हार बस्ती के बच्चे, बूढ़े, महिला और पुरुषों ने जिला वन कार्यालय में  जमकर प्रदर्शन किया. इस मौके पर हज़ारीबाग़ के पूर्व सांसद भुनेश्वर मेहता और वामदल के कई नेता भी उपस्थित थे. 

हालाँकि रामगढ़ के जिला वन पदाधिकारी विजय शंकर दुबे ने कहा कि वन भूमि निवास करने के लिए नहीं होता है. अपने स्तर से मुझे जो पावर है उसमें मैंने आदेश निकाल दिया है. लोगों को वहाँ से हटाने के लिए प्रयास भी किया गया है. लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है. महिलाएं इसका विरोध करने लगी. लेकिन इन लोगों को वहाँ से हटना ही होगा. 

वही हजारीबाग के पूर्व सांसद भुनेश्वर मेहता ने कहा की  2006 में कानून एक बना है की जंगल में जो बसा है उनको सरकारी पट्टा दिया जाए. वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा दिया जाए. लेकिन पट्टा नहीं देकर लोगों को वहाँ से हटाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा की पूरे झारखंड में पूंजीपतियों और उद्योगपतियों की ओर से जंगल उजाड़ा जा रहा है. उनको देखने वाला नहीं है. जो गरीब लोग बसे हैं. प्रशासन उनको उजाड़ने पर लगा हैं. 

बताते चले की वन भूमि में 45 परिवार मल्हार 30 - 35  साल से रह रहे हैं. उन्होंने कहा की हमलोग गरीबी के कारण जंगल में रह रहे है. अब जंगल से कहाँ जाएँ. इसलिये हमलोगों की मांग है  पहले हमलोगों को बसाया जाय.  तब जाकर हटाया जाये.

रामगढ़ से अनुज की रिपोर्ट 

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