पटना में हुआ भोजपुरी फिल्म ‘बाबुल’ का प्रीमियर, बेटियों को सशक्त बनाने के लिए मजदूर पिता के संघर्ष की है कहानी

पटना में हुआ भोजपुरी फिल्म ‘बाबुल’ का प्रीमियर, बेटियों को सशक्त बनाने के लिए मजदूर पिता के संघर्ष की है कहानी

पटना. भोजपुरी फ़िल्मों के सुप्रसिद्ध निर्माता रत्नाकर कुमार की फिल्म ‘बाबुल’ का ग्रैंड प्रीमियर आज पटना के सिने पोलिस (पी एंड एम मॉल) में हुआ। फिल्‍म के प्रीमियर में निर्माता रत्‍नाकर कुमार, अभिनेत्री नीलम गिरी, अभिनेता देव सिंह के साथ पत्रकार उपस्थित रहे। फिल्म ‘बाबुल’ पिता पुत्री के भावनात्मक संबंधों के साथ ही ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और बेटी को सशक्त बनाओ’ के सपने को लेकर जीने वाले एक ऐसे गरीब हाड़तोड़ मेहनत करने वाले पिता के संघर्ष की कहानी है, जो बेटियों की जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देता है।

अवधेश मिश्रा द्वारा लिखित और निर्देशित यह फ़िल्म भोजपुरी सिनेमा के ओहरा को ऊंचा करने वाला है। भोजपुरी सिनेमा के बारे में जो आम धारना रही है, उससे कहीं आगे की कहानी है। गीत-संगीत और पटकथा का सामंजस्‍य फिल्‍म को और भी बेहतरीन बनाता है। सामाजिक संदेश और मनोरंजन के साथ बेजोड़ फिल्‍म है बाबुल। इस फिल्‍म की केंद्रीय भूमिका अवधेश मिश्रा, नीलम गिरि, देव सिंह, अनिता रावत, शशि रंजन और अंबिका वानी ने निभाई है। तकरीबन साढ़े 300 फिल्मों में एक्टिंग करने वाले अवधेश मिश्रा की बतौर लेखक निर्देशक यह दूसरी फिल्म है। इससे पहले ‘जुगनू’ उन्होंने निर्देशित की थी। इन दोनों फिल्मों का निर्माण वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के रत्नाकर कुमार ने किया है।

अलबम की दुनिया में अपने नृत्य और अदा से धूम मचाने वाली नीलम गिरि ने बतौर अभिनेत्री इस फ़िल्म में पहली बार मुख्य भूमिका निभाई है। 50 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके देव सिंह ने इस फ़िल्म में सशक्त भूमिका निभाई है। वर्ल्ड वाइड रिकॉर्ड्स द्वारा "जुगनू" और "बाबुल" का निर्माण यह दर्शाता है कि कंपनी भोजपुरी फिल्मों के स्तर को बेहतर करने के लिए कितनी संवेदनशील है। कंपनी इसके अलावा दर्जन भर और भी विषय प्रधान फ़िल्मों पर काम कर रही है।

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