नई पीढ़ी के हाथों में जाएगी रिलायंस की बागडोर : मुकेश अंबानी ने दिए रिटायरमेंट के संकेत, जानिए किसे मिलेगी जिम्मेदारी

नई पीढ़ी के हाथों में जाएगी रिलायंस की बागडोर : मुकेश अंबानी ने दिए रिटायरमेंट के संकेत, जानिए किसे मिलेगी जिम्मेदारी

DESK : एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति की हैसियत रखनेवाले मुकेश अंबानी अब रिटायरमेंट की तैयारी (Mukesh Ambani Retirement Plan) कर रहे हैं। खुद उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी को लीडरशीप सौंप दी जाए और हम गाइड की भूमिका निभाएं। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) के जन्मदिन पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम फैमिली डे फंक्शन (Reliance Family Day Function) में मुकेश अंबानी पहली बार अपने रिटायरमेंट को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब नई पीढ़ी लीडरशिप की जिम्मेदारियों के लिए तैयार है. हमें उन्हें गाइड करना चाहिए, उन्हें सक्षम बनाना चाहिए और उनका उत्साह बढ़ाना चाहिए. हमें आराम से बैठकर नई पीढ़ी को हमसे बेहतर परफॉर्म करते देखना चाहिए और उनकी सराहना करनी चाहिए।

नई ऊंचाई पर ले जाएंगे कंपनी, दादा धीरुभाई अंबानी की तरह हैं जुनूनी

कार्यक्रम में मुकेश अंबानी ने अपने तीन बच्चों की जमकर तारीफ की। उन्होंने दोनों बेटों आकाश अंबानी (Akash Ambani), अनंत अंबानी (Anant Ambani) और बेटी ईशा अंबानी (Isha Ambani) को लेकर कहा कि तीनों अगली पीढ़ी के लीडर हैं, इसपर उन्हें कोई संदेह नहीं है. ये तीनों रिलायंस को और ऊंचाई पर ले जाएंगे. उन्होंने कहा, "मैं हर दिन रिलायंस के प्रति तीनों का पैशन, कमिटमेंट और डिवोशन महसूस करता हूं. भारत की प्रगति में योगदान करने और लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का जो जुनून मेरे पिता में थी, मैं उसे इन तीनों में देख पाता हूं."

बच्चों में करना चाहतें हैं बराबर का बंटवारा

अपने रिटायरमेंट से पहले मुकेश अंबानी की योजना है  कि रिलायंस इंडस्ट्रीज में अपने तीनों बच्चों को बराबर हिस्से की जिम्मेदारी सौंप दी जाए। पिछले दिनों यह खबर सामने आई थी कि तेल से लेकर रिटेल तक फैले विशाल कारोबारी साम्राज्य को किस तरह बांटा जाए और किसे क्या जिम्मेदारियां दी जाए, यह तय करने के लिए फैमिली काउंसिल बनाने की योजना चल रही थी. हालांकि अधिकारिक रूप से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई।

पुराना अनुभव रहा है कड़वा

रिलायंस के लिए बंटवारे का पुराना अनुभव बेहद कड़वा रहा है। जब धीरुभाई अंबानी का निधन हुआ था तो उस समय से मुकेश अंबानी ही कंपनी के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन छोटे भाई अनिल अंबानी के साथ संपत्ति के बंटवारे को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों तरफ से सार्वजनिक रूप से बयानबाजी भी हुई। उस समय यह देश की सबसे बड़ी औद्योगिक लड़ाई थी। बाद में कोकिलाबेन अंबानी ने दोनों भाइयों के बीच संपत्ति का बंटवारा कर मामले का अंत किया था। मुकेश अंबानी अब नई पीढ़ी को जिम्मा सौंपते वक्त ऐसी कोई गलती नहीं करना चाहेंगे।


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