अपूर्व शौर्य और साहस के सूर्य अभिनन्दन का उदय

अपूर्व शौर्य और साहस के सूर्य अभिनन्दन का उदय

NEWS4NATION DESK : शेर की तरह गया और उसी अंदाज में लौटा। पाकिस्तान के कलेजे पर अद्धभुत शौर्य की अनुपम वीरगाथा लिखकर। एक ऐसी वीरगाथा जो भविष्य के रणबांकुरों को दुश्मन की सरजमी पर वीरता और अदम्य साहस की गाथा लिखने को प्रेरित करता रहेगा। 

आज वीर बेटे अभिनन्दन को अपनी गोद मे पाकर मां भारती भी अपने कोख पर न्योछावर हुए जा रही है। अभिनन्दन का अभिनंदन करते हुए भारत का प्रत्येक नागरिक निहाल हो उठा। वीरता और अदम्य साहस की किस्से जो हम फिल्मी पटकथाओं व सिनेमा के पर्दों पर देखा करते थे उसे आज साक्षात होते देखना किसी स्वप्नलोक से कम नही था।

एक तरफ आज सूरज अस्ताचलगामी हो रहा था तो दूसरी तरफ एक अद्धभुत शौर्य का सूर्य धीरे धीरे क्षितिज की तरफ बढ़ा चला आ रहा था जिसके ओज से सिर्फ हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि पूरा विश्व अपने को आह्लादित महसूस कर रहा था। विश्व की क्षितिज पर उदित यह  अद्धभुत शौर्य का सूर्य ऐसे कभी अस्ताचलगामी नहीं होगा।

महायोद्धा अभिनन्दन ने यह साबित कर दिखाया कि साहस और शौर्य सुविधा व संसाधन का नही बल्कि हौसले का गुलाम होता है तभी तो आउटडेटेड तकनीक से युक्त विमान को आसमान की बुलंदियों पर उड़ाते आधुनिक विमान के परखच्चे उड़ा दिए। किस्मत ने दगा दिया तो दुश्मन का हाथो जीवित पकड़ लिए गए लेकिन दुश्मनों के बीच भी अपने आंखों में देश के गर्व का भाव लिए यह योद्धा साहस और शूरवीरता का इतिहास लिखे जा रहा था। 

सिर्फ 60 घण्टे ही दुश्मन इस दिलेर को अपने कब्जे में रख पाने में सफल हुआ। कई तरह की मानसिक यातनाएं दी गयी लेकिन उसके बावजूद यह शेर जिगरवाला योद्धा टूटा नहीं बल्कि गुर्राता रहा और उसी अंदाज में अपने सरजमीं पर वापस लौटा। 

56 इंच की चौड़ी छाती ,,भिंची हुई मांसपेशियां, फड़कते नथुनों, बन्द मुठ्ठी एकदम तना हुआ वदन, तनावरहित चेहरा यह अहसास करा रहा था। अभिनन्दन शौर्य और साहस का दूसरा नाम है जो सिर्फ सरजमी पर ही नहीं बल्कि आसमान के कलेजे पर भी पल भर में शौर्य का हस्ताक्षर करते रहा है आगे भी करता रहेगा। 

अभिनन्दन आपका हार्दिक अभिनंदन।

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