जिस बेटे का 12 साल पहले कर दिया था अंतिम संस्कार, मां को आया उसका पत्र, खुशियों के आंसू से सराबोर हुई

जिस बेटे का 12 साल पहले कर दिया था अंतिम संस्कार, मां को आया उसका पत्र, खुशियों के आंसू से सराबोर हुई

Desk. बिहार में एक मां के सामने चमत्कारी घटना सामने आयी है. मां को भरोसा भी नहीं होगा कि उसका बेटा अभी जिंदा है. बिहार के बक्सर के खिलाफतपुर में जिस बेटे को 12 साल पहले मां ने मार समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था. उस बेटा की जिंदा होने की खबर मिली है. इससे मां के आंसू रुकते नहीं रुक रहे हैं. दरअसल विदेश मंत्रालय ने उसके घर पर एक पत्र भेजा है, जिसमें उसके लापता बेटे की पाकिस्तान की जेल में बंद होने की सूचना है.

वहीं विदेश मंत्रालय से जब ये चिट्‌ठी उसके घर पहुंची तो मां के जहन में अपने बेटे छवि की 'छवि' उतर आई. वो खुशी के मारे रो पड़ी. मां को अब अपने बेटे के घर लौटने का इंतजार है. 12 साल पहले जब वो घर से लापता हुआ था तो उसकी दिमागी स्थिति ठीक नहीं थी. परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब उसकी कोई सूचना नहीं मिली तो उसे मरा हुआ समझ लिया.


विदेश मंत्रालय से मुफस्सिल थाने में उसकी पहचान के लिए कुछ पेपर आए थे. छवि ने पाकिस्तान के प्रशासन को अपना, अपने माता-पिता-गांव और पड़ोसियों का नाम सही-सही बताया है. वह कैसे पाकिस्तान पहुंच गया इसको लेकर लोग कई तरह की चर्चा कर रहे हैं. पुलिस को बुलाने पर थाने पहुंचे परिजनों ने युवक की तुरंत पहचान कर ली. परिजन अचंभित भी हैं कि जिस शख्स की मिलने की आस छोड़ अंतिम संस्कार कर दिया था. वह अब भी जिंदा है, लेकिन अफसोस कि वह पाकिस्तान में है.

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चौसा नगर पंचायत स्थित खिलाफतपुर की दलित बस्ती में सैकड़ों परिवार मेहनत मजदूरी करते हैं. छवि इन्हीं के बीच पला बढ़ा. उसकी शादी हुई एक बच्चा भी है, लेकिन एक दिन दलित बस्ती से वो अचानक लापता हो गया. बड़े भाई पिता और आसपास के लोगों ने काफी खोजबीन की. लेकिन, काफी दिन बीत जाने के बाद भी छवि का कोई अता-पता नहीं चला.


Find Us on Facebook

Trending News