घोड़े पर सवार होकर युवाओं के बीच पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी, बाल विवाह और दहेज़ प्रथा के बताये नुकसान

घोड़े पर सवार होकर युवाओं के बीच पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी, बाल विवाह और दहेज़ प्रथा के बताये नुकसान

SUPAUL : नए साल की शुभकामनाएं देने के लिए त्रिवेणीगंज के अनुमंडल पदाधिकारी एसजेड हसन अनोखे अंदाज़ में लोगों के बीच पहुंचे। सुबह सवेरे  घोड़े पर सवार होकर एसडीएम अनुमंडल क्षेत्र के अनूपलाल महाविद्यालय पहुंचे। जहां सैकड़ों युवा कॉलेज के मैदान में दौड़ लगा रहे थे। घोड़े पर सवार एसडीएम को देखकर युवाओं में भगदड़ मच गई। लेकिन धीरे-धीरे एसडीएम युवाओं के नजदीक पहुंचे। उन्होंने सभी युवाओं को इकट्ठा किया। सबसे हालचाल जाना। एसडीएम ने सभी युवाओं को नव वर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

करीब दस मिनट तक एसडीएम एस जेड हसन ने सभी युवाओं के बीच बातचीत की। इस मौके पर एसडीएम ने युवाओं को आगे बढ़ने के लिए कई सुझाव भी दिए। उसके बाद शराबबंदी, बाल विवाह और दहेज प्रथा के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को बाल विवाह से होनेवाले नुकसान के बारे में भी समझाया। एसडीएम को देख व उनके बातों को सुनकर सभी युवाओं में काफी खुशी देखी गई। एसडीएम ने दौड़ लगा रहे सभी युवाओं को एक - एक मौसम्मी भी दिया। इतना ही नहीं एसडीएम अलग-अलग वेशभूषा अपनाकर लगातार क्षेत्र का भ्रमण करते दिख रहे हैं। कभी मरीजों को मिलने वाली सुविधा एवं मरीजों की हालचाल जानने के लिए अस्पताल भी पहुंच जाते हैं। लेकिन उनके निरीक्षण से ज्यादा चर्चा उनके आने के तरीकों को लेकर हो रही है। 

जहां तक की एसडीएम साहब यहां किसी सरकारी गाड़ी से नहीं बल्कि घोड़े पर सवार होकर पहुंच जाते हैं। उनके घोड़े का नाम सुल्तान है। सुल्तान पर सवार होकर अहले सुबह  सवेरे क्षेत्र भ्रमण करने निकल जाते हैं। हालांकि एसडीएम के दौरे से ज्यादा चर्चा उनके घोड़े सुल्तान पर सवार होकर आने को लेकर हो रही है। बताया जाता है कि वह घोड़ा उनका अपना है और वह नियमित रूप से घोड़े की सवारी करते हैं। 

सुपौल से पप्पू आलम की रिपोर्ट 

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