बिहार में शराबबंदी का सचः शिक्षा विभाग का दफ्तर बना था मयखाना,शराब पीते क्लर्क-ठेकेदार गिरफ्तार

बिहार में शराबबंदी का सचः शिक्षा विभाग का दफ्तर बना था मयखाना,शराब पीते क्लर्क-ठेकेदार गिरफ्तार

Ara : प्रदेश में पूर्ण शराबंदी लागू है। इसके सेवन और कारोबार करते पकड़े जाने पर कड़ा सजा का प्रावधान है। बावजूद इसके राज्य में शराब का सेवन और कारोबार धड़ल्ले से जारी है। आलम यह है कि इसके कारोबार और सेवन के लिए अब सेफ जोन के लिए सरकारी दफ्तरों का इस्तेमाल किया जाने लगा है।  

एक ऐसा ही मामला भोजपुर जिला मुख्यालय आरा से सामने आया है। जहां शिक्षा विभाग के सरकारी दफ्तर में शराब पार्टी चल रही थी। शहर के टाउन थाना क्षेत्र के मौलाबाग स्थित डीईओ आफिस में बुधवार की रात पुलिस ने छापेमारी कर शिक्षा विभाग के क्लर्क और ठेकेदार समेत तीन को शराब पार्टी करते गिरफ्तार किया है। ब्रेथ एनलाइजर से उनकी जांच की गई तो इस दौरान शराब पीने की पुष्टि हुई है। मिली जानकारी के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में दो भोजपुर तथा एक पटना का निवासी हैं।  

बताया जा रहा कि भोजपुर एसपी के ऑफिस से सटे ही डीईओ आफिस है। बीती रात एसपी सुशील कुमार और सदर एसडीपीओ अजय कुमार को गुप्त सूचना मिली की डीईओ आफिस में शराब की पार्टी हो रही है। जिसके बाद एसपी ने टाउन थाना पुलिस को छापेमारी का आदेश दिया। एसपी से आदेश मिलते ही टाउन थाना इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार ने सशस्त्र बल के साथ छापेमारी की। इस दौरान शराब पार्टी करते हुए  आरा निवासी लिपिक, पटना जिले के पटेल नगर निवासी ब्लाक रिसोर्स और भोजपुर के बड़हरा थाना क्षेत्र निवासी ठेकेदार सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। 

भोजपुर एसपी सुशील कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शराब पार्टी करते तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। 


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