अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया इस्तीफा, कहा - विवि में शिक्षा का माहौल बेहद खराब

अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया इस्तीफा, कहा - विवि में शिक्षा का माहौल बेहद खराब

PATNA : बिहार की उच्च शिक्षा में चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों के बीच आखिरकार मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मो. कुद्दुस ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने शुक्रवार की दोपहर राजभवन में अपना इस्तीफा रिसीव करायावह विवि में  उत्तर पुस्तिका खरीद व आउटसोर्सिंग कर्मियों के भुगतान में गड़बड़ी का आरोप लगा कर चर्चा में आये  थे। कुलपति की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद मो. कुद्दुस ने बताया कि विवि में काम करने का माहौल नहीं रह गया है। विवि में 18 दिसंबर से परीक्षा तय थी, लेकिन इसको लेकर विवि में मेरा कोई सहयोग नहीं कर रहा था। कर्मियों के सहयोग नहीं करने की वजह से शेड्यूल फेल हो गया.

छह साल से विवि में सिर्फ सात लोगों को वेतन दे रही है सरकार

मो. कुद्दुस ने विवि के कर्मियों को मिलनेवाले वेतन को लेकर भी सरकार के काम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार तो छह वर्षों से पैसा नहीं भेज रही है. विवि में सिर्फ सात लोगों का ही वेतन सरकार भेज रही है. वह भी तीन-चार महीने से नहीं आया है. अब तक छह करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान विवि द्वारा कर दिया गया है। 

विवि फंड के इस्तेमाल करने की भी मंजूरी नहीं

उन्होंने कहा कि सिंडिकेट ने भी कर्मियों को फंड डायवर्ट कर कर्मियों को वेतन देने का निर्णय लिया. लेकिन सिंडिकेट के निर्णय को मैं तभी लागू कर सकता हूं, जब राजभवन व सरकार से उसे मंजूरी मिले. क्योंकि गलत निर्णय को सीधे लागू करने के लिए मैं बाध्य नहीं हूं. यह आर्टिकल 266 का उल्लंघन है. प्रत्याशा में अगर फंड डायवर्ट कर पेमेंट तभी किया जा सकता है, जब वह वेतन बाद में सरकार भेजे और उसे फिर एडजस्ट किया जाये, लेकिन सालों से सरकारी फंड नहीं मिलने के कारण उसका इंतजार भी नहीं किया जा सकता है।


गड़बड़ी पर सीएम व राज्यपाल को लिखा था लैटर

वहीं, सरकार से पैसा आये बिना इंटर्नल फंड से जबरन भुगतान करने का दबाव कर्मियों द्वारा बनाया जा रहा है. प्रो कुद्दुस ने 22 अगस्त, 2021 को विवि में अपना योगदान दिया था. उन्होंने विवि के प्रभारी कुलपति डॉ सुरेंद्र प्रताप सिंह के निर्णयों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्यपाल को पत्र लिखा था, जिसमें परीक्षा के लिए कॉपियों की खरीद अधिक दर पर करने और आउटसोर्सिंग कर्मियों को अधिक भुगतान करने का आरोप लगाया था. इसके बाद सीएम ने राज्यपाल सह कुलाधिपति से मिलकर जांच कराने का अनुरोध किया था. उन्होंने लगातार कई जगहों से और ऊंचे सोर्स से फोन कराकर 80 कर्मियों को भुगतान करने और कॉपियों के लिए अतिरिक्त राशि देने को लेकर दबाव बनाने की भी जानकारी इस लैटर में दी थी। लेकिन इस पर अब तक कोई खास कार्रवाई नहीं हुई है।

विवि के कई सामान भी गायब

कुलपति ने कहा कि हज भवन से मीठापुर कार्यालय शिफ्टिंग में विवि के कई सामान गायब हैं. इनकी जांच के लिए एक शिक्षक को एपॉइंट कर जब मैंने जांच करानी चाही, तो उसमें कोई उसमें सहयोग नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि किसी जांच एजेंसी से यह जांच होनी चाहिए कि वहां कितना सामान था और यहां आने पर कितना सामान है. इसके अतिरिक्त अन्य सभी मामलों की भी जांच एजेंसी के माध्यम से उन्होंने जांच की मांग की है।


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