सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई के समर्थन में आए विस अध्यक्ष, साथ ही दी नसीहत – लंबित मामलों में त्वरित हो कार्रवाई, तब ही यह संभव

सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई के समर्थन में आए विस अध्यक्ष, साथ ही दी नसीहत – लंबित मामलों में त्वरित हो कार्रवाई, तब ही यह संभव

PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने प्रत्याशियों के अतीत की जानकारी नहीं देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह से कार्रवाई की है, उसके बाद बिहार के राजनेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। मामले में देश के सर्वोच्च न्यायालय का समर्थन करते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह कार्रवाई बेहद जरुरी थी। 

उन्होंने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के अंदर वर्षों से लंबित मामले के कारण,  ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ जाता है। विस अध्यक्ष ने कहा कि तीनों स्तर पर समीक्षा की जरुरत है। लंबे समय तक न्याय नहीं मिलना अपराध को पोषित करता है

आज समाज में अच्छे लोग और इमानदार लोग भयभीत हैं। जो लोग समाज के लिए आदर्श बन सकते थे, वह समाज से खुद अलग कर लेते हैं। आज जो अच्छे लोगों को संरक्षित और करने की जरुरत है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट का यह कदम सराहनीय है, लेकिन इसके साथ यह भी जरुरी है कि अपराधिक मामलों का जल्द निपटारा किया जाए, स्पीडी ट्रायल किया जाए ताकि ऐसे लोगों को दूर रखने में कामयाबी मिले। विस अध्यक्ष ने कहा कि आज आर्थिक,सामाजिक अपराध हो, सभी का समय सीमा के अंदर उस पर कोर्ट से कार्रवाई की जाए। इससे जनता के बीच अच्छा संदेश जाएगा. वहीं अपराधी भी डरेंगे। 

बता दें मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के 9 राजनीतिक दलों पर कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाया है। साथ ही इन पार्टियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है। कोर्ट ने कहा है कि चुनाव के पहले ही यह आदेश दिया गया था कि नॉमिनेशन से 48 घंटे पहले या उम्मीदवारों की घोषणा के दो सप्ताह पूर्व अपने कैंडिडेट की पूरी जानकारी प्रकाशित कराएं, लेकिन न तो बीजेपी, न जदयू और न राजद ने ही इसे गंभीरता से लिया।


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