आरा के कलेक्ट्रेट घाट पर तीन धर्मों का अद्भूत संगम, जहाँ छठव्रतियों ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य, पढ़िए पूरी खबर

आरा के कलेक्ट्रेट घाट पर तीन धर्मों का अद्भूत संगम, जहाँ छठव्रतियों ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य, पढ़िए पूरी खबर

ARA : लोक आस्था के महापर्व छठ के तीसरे दिन छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। विदित हो की आरा जिले का कलेक्ट्रेट घाट जो तीन धर्मो का संगम कहा जाता है। इस घाट पर जहाँ एक तरफ भगवान भास्कर का मंदिर है। वही मंदिर के ठीक सामने मस्जिद स्थित है। वही मंदिर के दक्षिण तरफ चर्च है जो यह दर्शाता  है की इस घाट पर हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्म का संगम है। 


छठ पर्व को लेकर यहाँ काफी भीड़ होती है। आस्था का महापर्व छठ पूजा को पूरे देश में आज बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज छठ व्रतियों ने छठ पूजा का पहला अर्घ्य डूबते हुए सूर्य को अर्पित किया। वहीं इस दौरान छठ पूजा को लेकर जिले के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई नजर आई। विभिन्न घाटों पर महिला एवं पुरुष अपनी मनोकामना को पूर्ण होने को लेकर दंडवत करते हुए घाटों पर पहुंच कर पूजा अर्चना करते हुए नजर आए।

आज छठ पूजा के तीसरे दिन छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर की पूजा की और परिवार के खुशहाली के मन्नत मांगी। इससे पहले छठ व्रती गीत गाते हुए घाटों पर पहुंचीं। ढलते हुए सूर्य अर्घ्य देने और पूजा करने के लिए आज दोपहर से ही घाटों की तरफ जाते हुए दिखाई दी। बता दें कि अब छठ वर्ती सोमवार की सुबह घाट पर पहुंच उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगी। इसके बाद छठ व्रती भोजन करेंगी। 

बता दें कि पवित्रता और आस्था का लोकपर्व छठ पूजा का आज से यानी रविवार को तीसरा दिन है। छठ का पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्‍ल पक्ष की षष्‍ठी तिथि को श्रद्धा और संयम के साथ मनाया जाता है। छठ व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इसमें छठव्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत धारण करती हैं। छठ में भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। इस पर्व पर डूबते और उगते हुए सूरज को अर्घ्य दिया जाता है।

आरा से रविन्द्र कुमार की रिपोर्ट 

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