...तब MP नीतीश कुमार छोटे बच्चे की प्रतिभा देख दंग रह गए थे, मंच से भाषण देते समय निहारते रहे, आज वो 'अमन' अफसर बन गया

...तब MP नीतीश कुमार छोटे बच्चे की प्रतिभा देख दंग रह गए थे, मंच से भाषण देते समय निहारते रहे, आज वो 'अमन' अफसर बन गया

PATNA: बिहार लोक सेवा आयोग ने 64वीं संयुक्त परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। इसमें कुल 1454 परीक्षार्थी सफल हुए हैं। इस परीक्षा एक ऐसा परीक्षार्थी भी सफल हुआ है जिसे देख-सुन कर 26 साल पहले नीतीश कुमार भी बच्चे के आत्मविश्वास के कायल हो गए थे। तब वह दूसरी कक्षा का छात्र था और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बल्कि सांसद थे।

 बच्चे की प्रतिभा देख दंग रह गए

बात 1994 की है।तब नीतीश कुमार बाढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हुआ करते थे। 1994 में नीतीश कुमार की एक सभा मरांची में थी। उस समय नीतीश कुमार लालू प्रसाद से अलग होकर चुनाव लड़े थे और जीत कर समता पार्टी के सांसद बने थे। मरांची के लोगों ने तब नीतीश कुमार कुमार का अभिनंदन समारोह आयोजित किया था। छोटे से मंच पर सारे अतिथि दरी पर बैठे थे. नीतीश कुमार भी उसी दरी-जाजिम पर बैठे थे। अभिनंदन समारोह के उस कार्यक्रम में मंच पर एक छोटा बच्चा भी था। उस बच्चे का नाम अमन था जो मरांची का रहने वाला था। तब अमन दूसरी कक्षा का छात्र था। उसने भी उस कार्यक्रम में नीतीश की मौजूदगी में भाषण दिया था।उस छोटे से बच्चे की भाषण से नीतीश कुमार काफी प्रभावित हुए थे। उस बच्चे की आत्मविश्वास को देख खुद नीतीश कुमार अचंभित हो गये थे।  

भाषण देते समय निहारते रहे नीतीश

करीब 26 साल पहले की वो तस्वीर में अमन माइक पर भाषण देते दिख रहा है। बगल में खुद नीतीश कुमार मौजूद हैं।इस दौरान तत्कालीन सांसद नीतीश कुमार उस छोटे से बच्चे की तरफ मुखातिब हैं। तस्वीर देकर यह आभास हो रहा कि वे दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे की भाषण कलाा और आत्मविश्वास से काफी प्रभावित हैं। आज एकबार फिर से अमन की चर्चा हो रही है। इस बार अमन अफसर बन गया है। वह बिहार प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास कर ली है।  मोकामा के मरांची का लाल अमन कुमार ने बीपीएससी 64 वीं संयुक्त परीक्षा में सफलता पाकर क्षेत्र का नाम ऊंचा किया है। उसने 161 वां रैक लाया है। पिता संजय कुमार किसान हैं। अमन एक भाई-बहन हैं। अमन ने चंडीगढ़ से पढ़ाई पूरी की और आज बीपीएससी परीक्षा में सफल हो गया है। 

'अमन' अफसर बन गया

बता दें,बीपीएससी की परीक्षा में कुल 1454 अभ्यर्थी सफल होकर अफसर बने हैं। इनमें बिहार प्रशासनिक सेवा के अनुमंडल पदाधिकारी-वरीय उप समाहर्ता के 28, बिहार पुलिस सेवा के 40, वाणिज्य कर पदाधिकारी 10, बिहार कारा सेवा के कारा अधीक्षक 2, आपूर्ति निरीक्षक 223, राजस्व अधिकारी और समकक्ष 571, नगर कार्यपालक पदाधिकारी 7, प्रखंड पंचायत पदाधिकारी के 133 हैं। 2017 में इसकी प्रक्रिया शुरू हुई थी। फाइनल रिजल्ट आने में चार साल का समय लग गया। 

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