AGNIPATH को लेकर पटना की युवतियों में भी है नाराजगी, सरकार के फैसले पर उठाए सवाल, कहा - यह स्वीकार नहीं कर सकते

AGNIPATH को लेकर पटना की युवतियों में भी है नाराजगी, सरकार के फैसले पर उठाए सवाल, कहा - यह स्वीकार नहीं कर सकते

PATNA : अग्निवीर स्कीम को लेकर पटना की लड़कियों ने जताया भरी विरोध कहा कि यह आक्रोश खासतौर से इसलिए है कि सरकार ने भविष्य को बिगाड़ने का ठेका ले रखा है ऐसे में यह जो विरोध है और उच्च लेवल पर होना चाहिए क्योंकि जब शादी की उम्र 23 साल है तो फिर नौकरी करने की उम्र 21 साल क्यों क्या सरकार अपने वेतन में कटौती करती है क्या सरकार अपनी सीमा को कम करती है कोई भी पद का तो फिर आखिरकार बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा मजाक क्यों। न्यूज4नेशन ने दारोगा भर्ती की तैयारी कर रही कुछ अभ्यर्थियों से बातचीत की।

फिर नहीं कर पाएंगे पढ़ाई

चार साल पढ़ाई छोड़ने के बाद फिर पढ़ने का मन नहीं करेगा. वहीं कुछ छात्राओं ने कहा कि इसकी उम्र जो तय की गई है, उसमें ग्रेजुएशन की पढ़ाई छूट जाएगी। इस पर सरकार को फिर से विचार करना चाहिए।  वहीं कुछ छात्राओं ने कहा कि चार साल साल का समय बेहद कम है, इसके पीरियड को बढ़ाना चाहिए। जो चार साल की नौकरी कर लेगा, वह फिर से किसी दूसरी परीक्षा के तैयारी नहीं कर पाएगा

क्यों करेंगे चार साल की नौकरी

दारोगा भर्ती की तैयारी कर रहीं कुछ छात्राओं ने कहा कि बहुत से लोग सालों से सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। अब उन्हें अचानक यह कह दिया जाए कि आप सेना में सिर्फ चार साल की नौकरी कर सकेंगे। चार साल बाद सिर्फ 25 फीसदी को रेगुलर किया जाएगा। ऐसे में उसके कोई विकल्प नहीं होगा। कुछ छात्राओं ने कहा कि सेना की नौकरी देश के लिए बहुत सम्मानित होती है। इसमें किसी प्रकार की बदलाव सही नहीं होगा।

प्रदर्शन का जताया समर्थन

वहीं जिस तरह से छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है, उसको लेकर भी कई छात्राओं ने समर्थन किया है। हालांकि सरकारी संपत्ती को नुकसान पहुंचाने को उन्होंने गलत बताया है। छात्राओं ने कहा विरोध होना चाहिए, ताकि सरकार अपना निर्णय बदलने के लिए बाध्य हो।  

परिवार की भी चिंता

वहीं एक परेशानी परिवार के भविष्य को लेकर है। दारोगा भर्ती की ट्रेनर ने बताया कि इस योजना में पहले 15 साल की नौकरी होती थी, जिसके बाद पेंशन भी मिलता था। वहीं इस योजना में रिटायरमेंट की उम्र 15 साल से घटाकर सिर्फ चार साल कर दी गई है, साथ ही पेंशन में भी बंद  कर दिया गया है। ऐसे में जो लोग सेना में भर्ती होंगे, उनके लिए सबसे पहली चिंता इस बात की है रिटायरमेंट के बाद उनके परिवार का क्या होगा। विरोध का यह एक सबसे बड़ा कारण है। सरकार की तरफ से इस पर भले ही आश्वासन दिया जा रहा है कि उनके लिए दूसरे रास्ते खुलेंगे। लेकिन यह पर्याप्त नहीं होगा। सरकार उम्र सीमा में कटौती कर 13 साल कर दे,लेकिन चार साल करना  कहीं से भी सही नहीं है।

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