मची है लूट! ब्लैक फंगस के इलाज के नाम पर बताया इतना खर्च कि सामान्य आदमी चार साल में भी नहीं कर सकता कमाई

मची है लूट! ब्लैक फंगस के इलाज के नाम पर बताया इतना खर्च कि सामान्य आदमी चार साल में भी नहीं कर सकता कमाई

INDORE : कोरोना महामारी से उपजी ब्लैक फंगस से भी प्राइवेट अस्पतालों ने अवैध कमाई शुरू कर दी है। जहां कोरोना के इलाज में कुछ लाख के बिल थमाए जाते थे, वहीं ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इतनी बड़ी एस्टिमेट राशि की मांग की जा रही है कि सामान्य मरीज को उसे देने के चार साल से अधिक का समय गुजर जाए तो भी शायद ही उसे पूरा कर पाए। 

मामला मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ और खूबसूरत शहर इंदौर से जुड़ा है। यहां सीएचएल हॉस्पिटल में ऐसा ही एक मरीज के साथ हुआ. यहां एडमिट हुए एक मरीज को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए 50 लाख रुपए का एस्टिमेट बनाकर दे दिया गया. इतना बड़ी अमाउंट देखकर ना केवल मरीज बल्कि डॉक्टर्स और नर्स भी हैरान रह गए। जिसके बाद अस्पताल में काम करनेवाले डॉक्टरों और नर्सों नें नाराजगी नजर आने लगी। एक डॉक्टर ने तो सोशल मीडिया पर आरोप भी लगाया है कि पांच हजार के एंटी फंगल इंजेक्शन के एक लाख रुपए लिए जा रहे हैं.

सीएचएल हॉस्पिटल में जिस मरीज को यह लंबा चौड़ा एस्टिमेट थमाया गया उसका नाम पंकज गुप्ता है. बताया गया कि पंकज की अब तक नाक और ब्रेन की दो सर्जरो हो चुकी है. अस्पताल का एस्टिमेट देखकर वहां के ईएनटी स्पेशलिस्ट का भी कहना है कि इतना खर्च नहीं होता है. जबकि इस बारे में सीएचएल अस्पताल प्रबंधन कुछ भी कहने को राजी नहीं है.

पंकज की पत्नी अंशू ने बताया कि  उनकी बीमारी में इस समय में उन्हे एक लाख रुपए का एक इंजेक्शन लग रहा है. सालों में जो भी जोड़ा था सब खर्च हो गया पति के इलाज में. उन्होंने बताया कि रोज 16 इंजेक्शन लग रहे हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज से 2.5 हजार रुपय का एक इंजेक्शन मिल रहा है, लेकिन मेडिकल कॉलेज से बस 5 ही इंजेक्शन मिल रहे हैं बाकि बचे हुए इंजेक्शन 12 से 13 हजार रुपए में बाजार से खरीदना पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी 28 दिन तक इंजेक्शन लगना हैं. अभी भी 20 दिन के इंजेक्शन लगना बाकी हैं। परिवार में वह इकलौते कमानेवाले हैं, ऐसे में अब पैसे का इंतजाम कैसे होगा यह चिंता का विषय है।


Find Us on Facebook

Trending News