बड़हिया में ट्रेन ठहराव के लिए फिर से हो सकता है बड़ा आंदोलन, जिला प्रशासन हुआ सतर्क, एहतियातन तैनात किए गए मजिस्ट्रेट

बड़हिया में ट्रेन ठहराव के लिए फिर से हो सकता है बड़ा आंदोलन, जिला प्रशासन हुआ सतर्क, एहतियातन तैनात किए गए मजिस्ट्रेट

लखीसराय. कई ट्रेनों का ठहराव हटाए जाने से परेशान बड़हिया के लोग एक बार फिर आंदोलन कर सकते हैं. दरअसल, वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान जब देश में रेल परिचालन बंद किया गया और कुछ महीनों बाद स्पेशल ट्रेनों के नाम पर ट्रेनें चलनी शुरू हुई तब अधिकांश ट्रेनों का ठहराव बड़हिया स्टेशन से हटा दिया गया. इससे लाखों की आबादी वाले बड़हिया क्षेत्र के लोग परेशान हो गए. उन्होंने पिछले एक साल के दौरान कई बार रेल चक्का जामकर आंदोलन किया जिसके बाद कुछ ट्रेनों का ठहराव रेलवे की ओर से दिया गया. 

श्यामनंदन सिंह ने बताया कि ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर इसी साल मई में भी बड़हिया में आंदोलन हुआ था. 23 मई 2022 को लखीसराय जिला पदाधिकारी एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक दानापुर के साथ रेल संघर्ष समिति बड़हिया के प्रतिनिधियों की वार्ता हुआ. इसमें रेलवे ने वादा किया था कि बड़हिया में 6 ट्रेनों का ठहराव दिया जाएगा. हालांकि अब तक वादा पूरा नहीं किया गया है. इससे बड़हिया के लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. अब फिर से आंदोलन के सिवाय और कोई उपाय नहीं है. 

वहीं लखीसराय जिला प्रशासन ने संभावित आंदोलन को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी लखीसराय की ओर 23 जुलाई से बड़हिया स्टेशन पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ बलों की प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया गया है. इसके तहत तीन पालियों में अंचल अधिकारी बड़हिया, कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा बड़हिया, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी चानन, प्रखंड विकास पदाधिकारी बड़हिया, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सूर्यगढ़ा, कृषि समन्वयक बड़हिया, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी बड़हिया, प्रखंड कृषि समन्वयक बड़हिया को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है.


इस बीच, पूर्व मध्य रेलवे ने गाड़ी संख्या 13419 और 13420 भागलपुर-मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस और ट्रेन संख्या 15647 तथा 15648 लोकमान्य तिलक (ट.) -गुवाहाटी एक्सप्रेस के बड़हिया स्टेशन पर ठहराव की घोषणा की है. रेल संघर्ष समिति बड़हिया से जुड़े संजीव कुमार ने कहा कि इन ट्रेनों के अलावा चार अन्य ट्रेनों का ठहराव पुनरबहाल करने का लिखित आश्वासन 23 मई को दिया गया था लेकिन अब तक उनका ठहराव नहीं दिया गया है.  


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