शाहनवाज हुसैन के खिलाफ नहीं होगा दुष्कर्म का केस, पूर्व उद्योग मंत्री को मिली राहत

शाहनवाज हुसैन के खिलाफ नहीं होगा दुष्कर्म का केस, पूर्व उद्योग मंत्री को मिली राहत

NEW DELHI : दुष्कर्म के मामले को लेकर घिरे बिहार के पूर्व उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। भाजपा नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के हाईकोर्ट के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। जिसे शाहनवाज हुसैन के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रहा है।  शाहनवाज हुसैन पर रेप का यह आरोप साल 2018 में लगाया गया था, लेकिन इस सिलसिले में अब तक उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।


2018 की घटना
शाहनवाज हुसैन पर 2018 में दिल्ली की रहने वाली एक महिला ने अपने फॉर्म हाउस में नशीली चीज खिलाकर रेप करने का आरोप लगाया था। इस महिला ने बीजेपी नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किए जाने की शिकायत लोअर कोर्ट में की थी, जिसने जुलाई 2018 में पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन शाहनवाज हुसैन ने ट्रायल कोर्ट के इस आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दे दी। सेशंस कोर्ट ने भी बीजेपी नेता की अर्जी को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के केस दर्ज करने के आदेश पर मुहर लगा दी।

 इसके बाद शाहनवाज हुसैन एफआईआर रुकवाने की अर्जी लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे, जिसने उन्हें फौरी राहत देते हुए अपने अंतरिम आदेश में केस दर्ज किए जाने पर रोक लगा दी थी लेकिन 17 अगस्त 2022 को हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अपने अंतरिम आदेश को रद्द करते हुए न सिर्फ शाहनवाज हुसैन के खिलाफ रेप के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया, बल्कि पूरे मामले की जांच करके तीन महीने में रिपोर्ट देने को भी कहा।

कोई भी केस कर प्रतिष्ठा को पहुंचा ठेस पहुंचा सकता है

दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश को बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए अर्जेंट सुनवाई का अनुरोध किया था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी सोमवार 22 अप्रैल को उनकी अर्जी मंजूर करते हुए दिल्ली हाइकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट के आदेश सुनाने से पहले सीनियर एडवोकेट रोहतगी ने कहा कि अगर एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर अमल हुआ, तो कोई भी शख्स ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा सकता है।

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