बिहार के ये बाहुबली नेता, कुछ सजायाफ्ता और जेल के अंदर, फिर भी चुनाव में बजता है इनका डंका

बिहार के ये बाहुबली नेता, कुछ सजायाफ्ता और जेल के अंदर, फिर भी चुनाव में बजता है इनका डंका

NEWS4NATION DESK : राजनीति में अपराध जगत की एंट्री कोई नई बात नहीं है। अपराध की दुनिया में बुलंदियों पर पहुंचकर राजनीति में एंट्री करने वाले बाहुबलियों की तूती हमेशा बोलती है। देश के अन्य राज्यों की तरह बिहार केन्द्र में बनने वाली सरकार में अपनी अहम भूमिका अदा करने वाले बिहार का राजनीति और अपराध जगत का बेहद ही करीबी रिश्ता रहा है। यहां की सियासी जमीन पर कई नेताओं ने राज किया है, जो कभी अपराध की दुनिया के बेताज बादशाह थे। आज इनमें से कुछ सजायाफ्ता होने की वजह से भले ही वे खुद चुनाव मैदान में नहीं है लेकिन आज भी इनका डंका बजता है। शायद यही वजह है कि राजनीतिक पार्टियां उनकी जगह उनके रिश्तेदारों को टिकट देकर अपनी जीत सुनिश्चित और रिश्ते को बनाए रखना चाहती है।  

बिहार की राजनीति में  शहाबुद्दीन को एक खतरनाक बाहुबली नेता के तौर पर जाना जाता है। राजद से ये सीवान लोकसभा सीट सांसद रह चुके हैं। उनपर हत्या की कोशिश, अपहरण, हत्या के कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल उम्र कैद की सजा पाने के ये तिहाड़ जेल में हैं। शहाबुद्दीन ने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत जेल के अंदर से शुरु की थी। जेल के अंदर से ही शहाबुद्दीन ने जीरादेई विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और भारी मतों से जीत हासिल की थी। बाद में ये दो बार विधायक और चार बार लगातार सीवान के सांसद रहे। 

शहाबुद्दीन भले ही बिहार से बाहर और जेल के अंदर है लेकिन बिहार और सीवान में उनका सिक्का आज भी चलता है। यही वजह से है कि पिछले दो चुनावों से राजद सजायाफ्ता होने के बाद चुनाव से बंचित शहाबुद्दीन पर विश्वास जताते हुए उनकी पत्नी हिना शहाब पर दाव अजमा रही है। पिछली बार चुनाव हार जाने के बावजूद एकबार फिर हिना को राजद ने सीवान से अपना प्रत्य़ाशी बनाया है। 

शहाबुद्दीन की तरह ही लोजपा के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की गिनती बाहुबली नेता के तौर पर होती है। बलिया से लोजपा सांसद रहे सूरजभान भी सजायाफ्ता होने की वजह से चुनाव नहीं लड़ सकते। लेकिन राजनीति में उनकी हनक कायम है। सूरजभान अपनी पत्नी को मुंगेर सीट से सांसद बना चुके है। हालांकि इसबार उन्होंने अपनी मुंगेर से वर्तमान सांसद पत्नी की जगह नवादा से अपने भाई चंदन सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। देखना यह है भाई चंदन सिंह को संसद पहुंचाने में सूरजभान सिंह कितना सफल हो पाते है।

नवादा के राजबल्लभ यादव एक बाहुबली नेता है। राजद के इस नेता की विधायकी नावालिग के साथ रेप मामले में सजा होने के कारण जा चुकी है। फिलहाल ये जेल के अंदर हैं। सजाय़ाफ्ता होने की वजह से चुनाव नहीं लड़ सकते है। लेकिन अपने बाहुबल की वजह से राजनीति में इनका दबदबा कायम है। नवादा से इनकी पत्नी को राजद ने लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। इनकी पत्नी विभा देवी इसबार नवादा से राजद की टिकट पर चुनावी मैदान हैं। 

सीमांचल के दबंग पप्पु यादव वर्तमान में मधेपुरा से सांसद हैं, जबकि इनकी पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से कांग्रेस सांसद है। सीमांचल का यह बाहुबली एक जमाने में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का काफी करीबी रहे थे। मधेपुरा से जब शरद यादव चुनाव लड़े थे तो पप्पु यादव ने ही उनकी चुनावी कमान थाम रखी थी और शरद यादव भारी मतों से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। बाद में यह दबंग खुद राजनीति में प्रवेश किया। पहले विधायक और फिर सांसद बने। एकबार फिर पप्पु चुनावी मैदान में है।   

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