निर्भया को न्याय दिलाने वाली बिहार की यह बहू अब हाथरस पीड़िता को दिलायेंगी न्याय, लड़ेंगी मुफ्त में केस

निर्भया को न्याय दिलाने वाली बिहार की यह बहू अब हाथरस पीड़िता को दिलायेंगी न्याय, लड़ेंगी मुफ्त में केस

Desk : चर्चित निर्भया कांड के दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा अब हाथरस में हैवानियत की शिकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मुफ्त केस लड़ेंगी। इस बात की जानकारी सीमा ने मीडिया को दी है। 

दरअसल एडभोकेट सीमा आज हाथरस कांड की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए उसके परिवार से मिलने के लिए उसके गांव जा रही थीं, लेकिन जिला प्रशासन ने उनको रोक लिया। इस बीच जब मीडिया ने उनसे हाथरस जाने का कारण पूछा तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे हाथरस कांड की पीड़िता का केस लड़ेंगी और मानवता को शर्मसार करने वाली इस मामले के लिए वह कोई भी फीस नहीं लेंगी।

वकील सीमा ने कहा, 'पीड़तिा का परिवार चाहता है कि मैं उनकी वकील के तौर पर इस केस को लड़ूं, लेकिन प्रशासन मुझे परिवार से मिलने नहीं दे रहा है। प्रशासन कह रहा है कि इससे कानून व्यवस्था बिगड़ेगी। हाथरस की बेटी के शव को पुलिस ने पेट्रोल डालकर जलाया है। मैने निर्भया को न्याय दिलाया है और इसे भी न्याय दिलाऊंगी।' अधिवक्ता ने कहा कि देश किसी भी प्रोफेशन की महिलाएं यह दावा नहीं कर सकती हैं कि वह सुरक्षित हैं ।

बता दें सीमा समृद्धि सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं और निर्भया ज्योति ट्रस्ट की कानूनी सलाहकार हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद सीमा ने 2014 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की थी। सीमा 24 जनवरी, 2014 को निर्भया ज्योति ट्रस्ट से जुड़ीं थीं। सीमा कुशवाहा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की रहने वाली हैं। दस जनवरी 1982 को इटावा के ग्राम पंचायत बिधिपुर ब्लॉक महेवा, तहसील चकरनगर के एक छोटे से गांव उग्रापुर में उनका जन्म हुआ था। उनके पिता बालादीन कुशवाहा बिधिपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान भी रह चुके हैं। वहीं सीमा के पति राकेश बिहार के मुंगेर के संग्रामपुर प्रखंड के पौरिया गांव के रहने वाले हैं जो गणित के अध्यापक हैं और दिल्ली में आईआईटी की तैयारी कराने वाली एक संस्था से जुड़े हुए हैं। 


 

 

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