भारत की इस बेटी को यमुना की बदहाली पर आता है तरस और कराना चाहती है उसकी सफाई

भारत की इस बेटी को यमुना की बदहाली पर आता है तरस और कराना चाहती है उसकी सफाई

NEWS4NATION DESK : दिल्ली की रहनेवाली पूनम गुप्ता स्कॉटलैंड की जानी मानी कारोबारी हैं. पूरी दुनिया में उन्हें पेपर क्वीन के तौर पर जाना जाता है. अब पूनम गुप्ता नदियों के संरक्षण और भूमिगत जल की सफाई के क्षेत्र में आना चाहती हैं. वहीँ पूनम ने अब यमुना के सफाई में भी रूचि दिखाई है. उनका मानना है की गंगा, यमुना और ताजमहल पूरी दुनिया में भारत की पहचान हैं. ताजमहल और गंगा के संरक्षण के लिए सरकार के स्तर पर बहुत काम किया जा रहा है. लेकिन यमुना की सफाई के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा है. दिल्ली की होने की वजह से यमुना की सफाई में उनकी रूचि है.  

पेपर क्वीन के रूप में मशहूर होने के बाद अब पूनम नदियों और भूमिगत जल के सफाई की तकनीक लेकर भारत आ रही है. इस तकनीक को लेकर पूनम गुप्ता खासी उत्साहित हैं. इस दिशा में हरियाणा सरकार से उनका करार भी हो चुका है. इसके बाद वे उत्तर प्रदेश समेत दुसरे  राज्य सरकारों से इसी तरह की मदद चाहती है, जिससे पानी को साफ किया किया जा सके और नदियों को बचाया जा सके.

बताते चले की साल 2015 और 2017 में पूनम और उनके पति एशियाई हाथियों के संरक्षण के लिए मदद जुटाने के लिए राजस्थान में एक ऑटो रिक्शा रेस का आयोजन कर चुके हैं. अब पूनम चाहती हैं कि यमुना की बदहाली पर देश का ध्यान आकर्षित करने और उसके लिए मदद जुटाने के लिए कोई ऐसा ही चैरिटी कार्यक्रम आयोजित किया जाये. 

पूनम 2002 में भारत से स्कॉटलैंड गई थीं. जहां एक कमरे से शुरू की गई उनकी पीजी पेपर्स अब दुनिया की सबसे बड़ी पेपर कंपनियों में शुमार हो चुकी है. 2017 में उन्हें ब्रिटिश सरकार ने कारोबार और चैरिटी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 'ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर' यानी ओबीई नियुक्त किया है.

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