यह है बिहार की सड़कों की मजबूती, पतली सी छड़ी से भी कर सकते हैं खुदाई, यह रहा सबूत

यह है बिहार की सड़कों की मजबूती, पतली सी छड़ी से भी कर सकते हैं खुदाई, यह रहा सबूत

BAGHA : बिहार में नीतीश सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यहां बिछाए गए सड़कों के जाल को माना जाता है। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में सड़क बनाने के दावे किए जाते हैं। लेकिन इन सड़कों की मजबूती कैसी होती है इसका बड़ा उदाहरण बगहा से सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है, जहां एक पतली सी लकड़ी से एक ग्रामीण नई बनी सड़क को बड़ी आसानी से खोदते हुए नजर आ रहा है। सड़क खोदने पर उसके नीचे सिर्फ बालू नजर आता है।

तस्वीरें बगहा के यूपी बिहार सीमा पर स्थित ठकराहा प्रखण्ड से जुडी है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तक़रीबन 2 करोड़ की लागत से मोतीपुर पंचायत के हरखटोला व नौका टोला में पक्की सड़क का निर्माण कार्य विगत वर्षों शुरू किया गया जो तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं किया जा सका है इधर पौने दो किलोमीटर लंबे इस सड़क निर्माण कार्य को आनन फानन में मिट्टी पसार व गिट्टी डालकर कालीकरण किया जा रहा है जहां न तो कोई विभागीय अधिकारी हैं और ना ही संवेदक बल्कि मुंशी व मजदूरों से बग़ैर बोल्डर पिचिंग व रोलर चलाये कार्य पूरा किया जा रहा था जिसे ग्रामीणों ने रोक कर प्रशासन व विभाग से जांच कर कार्रवाई की मांग की है । 

बता दें कि गण्डक दियारावर्ती इलाके से यूपी औऱ बिहार को जोड़ने वाली ठकराहा प्रखण्ड के मोतीपुर पंचायत में इस मुख्यमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण कार्य विजय राज मेवाड़ कंस्ट्रक्शन के जिम्मे 2019 में सौंपा गया था जो 3 वर्ष बाद भी आधा अधूरा है।  इधर ग्रामीणों की शिकायत के बाद कार्य आनन फानन में गुणवत्ता को ताक पर रखकर पूरा किया जा रहा था यहीं वज़ह है कि लोगों ने कार्य रोकवा दिया है और नाराज़ ग्रामीण गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की मांग कर रहे अब तक हुए कार्यो की जांच को लेकर सड़क पर उतर आए हैं । 


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