4 हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव को कहा जाता है विधवाओं का गांव, जानिए क्या है वजह

4 हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव को कहा जाता है विधवाओं का गांव, जानिए क्या है वजह

NEWS4NATION DESK :  बीते दिनों यूपी और उतराखंड में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगो की मौत हो गई थी। मौत के बाद पुलिस और प्रशासन द्वारा छापेमारी, निलंबन जैसी कार्रवाइयां भी बड़ी तेजी से हुई, लेकिन उसी उत्तर-प्रदेश में एक ऐसा गांव है जहां शराब से कितने भी लोगों की मौत हो जाए कोई फर्क नहीं पड़ता। गांव के लोगों ने शराब से इतनी मौतें देखी है कि उनके लिए ऐसी घटना आम बात होती है। 

दरअसल मैनपुरी जिले में ईशान नदी के तट पर बसे पुसैना गांव में 300 परिवारों में कुल 4008 लोग रहते हैं। इनमें से करीब 150 परिवारों में 25-65 साल की उम्र के बीच की विधवा महिलाएं रहती हैं, जिनके पति पिछले 15 साल में जहरीली शराब पीने के कारण काल के गाल में समा चुके हैं। वहीं कई परिवारों के एक से ज्यादा पुरुषों की जान जहरीली शराब पीने के कारण गई है। स्थिति यह है कि अब लोग इसे 'विधवाओं का गांव' कहते है। 

विडंबना यह है कि जिन महिलाओं की जिंदगी अवैध शराब ने तबाह कर दी, उनसे ही इस धंधे में शामिल होने को कहा जाता है। गांव की महिलाएं बताती है कि अगर कोई इस अवैध शराब के धंधे का विरोध य़ा किसी से इस बारे में बात करने की कोशिश करता है तो उसे माफियाओं के अत्याचार का शिकार होना पड़ता है। 

गांव के प्रधान बताते है कि गांव में जहरीली शराब का धंधा पिछले कुछ सालों में कम हुआ है, लेकिन खत्म नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई मौतें होने पर इसे बंद कराने की कोशिश की लेकिन माफिया से धमकी मिलने पर वह आगे कुछ नहीं कर सके। प्रधान ने बताया कि छोटे-छोटे बच्चे पहले इस धंधे में काम करते हैं और फिर खुद भी शराब के आदी हो जाते है।

वहीं इस मामले पर पुलिस का कहना है कि इस इलाके में समय-समय पर शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अवैध शराब की भट्टियों को नष्ट किया जाता है, लेकिन माफिया उन्हें फिर से खड़ा कर लेते है। वहीं उनके इस काम में गांव के लोगों का सहयोग भी मिलता है। 

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