दो संवासिनों की मौत मामले में सचिव समेत तीन गिरफ्तार, शेल्टर होम के डॉक्टर और नर्स की हो रही तलाश

दो संवासिनों की मौत मामले में सचिव समेत तीन गिरफ्तार, शेल्टर होम के डॉक्टर और नर्स की हो रही तलाश

PATNA :  राजधानी के राजीव नगर थाना क्षेत्र के नेपाली नगर स्थित ‘आसरा होम’ में दो युवतियों की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने अनुमाया ह्यूमन रिसोर्सेज फाउंडेशन के सचिव चिरंतन कुमार, शेल्टर होम की कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल और एक स्टाफ बेबी कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार, 12 अगस्त को पुलिस ने इन तीनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद देर रात तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पटना एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि इन तीनों की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में शेल्टर होम की संवासिनों के मेडिकल चेकअप करने वाले डॉक्टर और नर्स को नामजद किया गया है। दोनों की तलाश की जा रही है। 

बेबी कुमारी ने दो संवासिनों को अस्पताल में कराया था भर्ती

बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद कई अन्य अल्पावास गृहों से भी गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसी बीच जांच के दौरान पटना के आसरा होम की दो संवासिनों (लड़कियों) की मौत से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घटना की जांच के लिए डीएम कुमार रवि और एसएसपी मनु महाराज मौके पर पहुंचे गये।

 आसरा होम में काम करनेवालों से पूछताछ की गई। जिसके बाद शेल्टर होम की लेखा निदेशक मनीषा दयाल, स्टाफ बेबी कुमारी और एनजीओ संचालक चिरंतन कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि स्टॉफ बेबी कुमारी ने ही दोनों बीमार संवासिनों को पीएमसीएच में एडमिट कराया था। पुलिस को पीएमसीएच के भर्ती रजिस्टर से महिला का नाम मिला। पीएमसीएच प्रशासन के अनुसार, बेबी कुमारी दोनों बीमार संवासिनों को अस्पताल लेकर आयी थी। भर्ती रशीद पर इसी का नाम है।

मौत मामले में बड़ा खुलासा

इन दोनों संवासिनों के मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पीएमसीएच प्रशासन का कहना है कि अस्पताल लाने से पहले ही दोनों युवतियों की मौत हो चुकी थी। अस्पताल प्रशासन के इस दावे के बाद माना जा रहा है कि दोनों युवतियों की मौत शेल्टर होम में हो चुकी थी। मामले को दबाने के लिए उन्हें पीएमसीएच में भर्ती करा दिया गया। फिलहाल दोनों युवतियों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई है।

75 लड़कियां रहती हैं आसरा होम में

बता दें कि आसरा होम का संचालन अनुमाया ह्यूमन रिसोर्सेज फाउंडेशन करता है, जो बिहार के समाज कल्याण विभाग के अधीन आता है। राजीव नगर थाना के नेपाली नगर मुहल्ले में स्थित इस आसरा गृह में 75 संवासिनों को रखा गया है। इनमें 12 को छोड़ सभी मानसिक रूप से विक्षिप्त संवासिनें हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर स्वस्थ लड़कियों को यहां क्यों रखा गया? इस आसरा गृह से दो दिन पहले चार लड़कियों ने ग्रिल काटकर भागने का प्रयास किया था लेकिन वो सब भागने में कामयाब नहीं हो पायी थीं और पकड़ी गयी थीं। इस आसरा गृह को इसी साल यानी 2018 के 1 मई को खोला गया था। इसके मुख्य संचालनकर्ता का नाम मनीषा दयाल है। वह लेखा निदेशक के पद पर काम करती हैं। आसरा होम में कई जिलों से लाकर लड़कियों को रखा गया है।

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