आज से जूनियर डॉक्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू, मरीजों की बढ़ी परेशानी

आज से जूनियर डॉक्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू, मरीजों की बढ़ी परेशानी

भागलपुर. बिहार के जूनियर डॉक्टर यानि एमबीबीएस (MBBS) इंटर्न एक बार फिर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर गोलबंद हो गए हैं और आज से जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के बैनर तले तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं. भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित पूरे प्रदेश भर में सभी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है.

इस दौरान ओपीडी, इंडोर और इमरजेंसी सेवा से सभी जूनियर डॉक्टरों ने अपने आप को अलग कर लिया है, जिससे सैकड़ों मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. वहीं इमरजेंसी वार्ड में भी सीनियर डॉक्टरों पर दवाब बढ़ गया है. जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि कोरोना की दूसरी लहर में ड्यूटी करने वाले जूनियर डॉक्टरों को अब तक प्रोत्साहन की राशि नहीं दी गई है. पिछले 2013 से इंटर्न को महज 15 हजार स्टाइपेंड मिलता आ रहा है, जबकि कई बार मांग पत्र देने और आंदोलन के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर आश्वासन भी दिया गया था. लेकिन 8 साल बाद भी स्टाइपेंड में बढ़ोतरी नहीं हुई है. ऐसे में अब काम कर पाना मुश्किल है.

साथ ही जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर सुधीर कुमार ने साफ कहा है कि अस्पताल प्रशासन नीत पीजी में हो रही देरी, डॉक्टरों की समस्या को दूर करने के लिए नॉन एकेडमिक जेआर की बहाली भी जल्द से जल्द करे. हड़ताल पर गए सभी जूनियर डॉक्टर 2016 बैच के हैं, जिनकी हड़ताल पर जाने के बाद ओपीडी और सभी डिपार्टमेंट में घूम-घूमकर कार्य बाधित करवा रहे हैं.



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