तीन तलाक, मंदिर-मस्जिद विवाद पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तैयार कर रहा है यह रणनीति

तीन तलाक, मंदिर-मस्जिद विवाद पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तैयार कर रहा है यह रणनीति

NEWS4NATION DESK : 17 जून को केन्द्र सरकार तीन तलाक बिल को फिर लोकसभा में पेश करने वाली है। इस बिल को लेकर मोदी सरकार को विपक्ष के साथ-साथ अपने सहयोगी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के विरोध का सामना भी करना पड़ेगा। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक, मंदिर-मस्जिद विवाद पर किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि इसके लिए वह एक रणनीति तैयार कर रही है।  

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उत्तर-प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को दारुल उलूम नदवातुल उलमा में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक हुई। इसमें बोर्ड के पदाधिकारी व सदस्यों ने तीन तलाक, मंदिर-मस्जिद विवाद मुद्दों पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा में तीन तलाक बिल के पास न होने के लिए सेक्युलर दलों  से मदद मांगने की रणनीति तैयार की है।
 
 बोर्ड सचिव अधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने बताया कि मंदिर-मस्जिद मामले के हल के लिए मध्यस्थता कमिटी से जुड़े लोगों के साथ बातचीत हो, इसी सिलसिले में यह रिव्यू मीटिंग रखी गई थी। हालांकि उन्होंने इस मुलाकात को औपचारिक करार दिया। 

सूत्रों के मुताबिक लोकसभा में दोबारा पेश होने वाले तीन तलाक बिल को बैठक में सियासी एजेंडा बताया गया। बोर्ड महासचिव मौलाना वली रहमानी समेत सभी की एक राय थी कि मौजूदा तीन तलाक बिल से शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का नुकसान ज्यादा है। यह बिल सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मूल भावना के खिलाफ है। जब सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को अवैध घोषित किया है तो आरोपित को जेल कैसे भेजा जा सकता है। इस दौरान बैठक में बोर्ड सचिव मौलाना उमरैन महफूज रहमानी, सदस्य कासिम रसूल इलियास, अधिवक्ता एमआर शमशाद व अतीक बस्तवी सहित अन्य शामिल रहे।

 बता दें कि केंद्र में दोबारा सत्ता में लौटी नरेंद्र मोदी सरकार पिछले कार्यकाल में बिल को लोकसभा से पास करवा चुकी है, हालांकि यह राज्यसभा से पास नहीं हुआ था। अब 17 जून को इसे फिर लोकसभा में पेश किया जाएगा।

 

 

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