फ्लोर टेस्ट जीतने के लिए एकनाथ शिंदे ने चली ऐसी चाल कि विधानसभा में चारो खाने चित हो गए उद्धव ठाकरे

फ्लोर टेस्ट जीतने के लिए एकनाथ शिंदे ने चली ऐसी चाल कि विधानसभा में चारो खाने चित हो गए उद्धव ठाकरे

DESK. एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद बीजेपी के समर्थन से सत्ता में आई नई महाराष्ट्र सरकार को सोमवार को फ्लोर टेस्ट से सामना हुआ. विधानसभा स्पीकर की परीक्षा पास करने के बाद महाराष्ट्र के नए सीएम एकनाथ शिंदे ने फ्लोर टेस्ट कि अग्निपरीक्षा भी पास कर ली है. उन्होंने विधानसभा में बहुमत परीक्षण पास कर लिया है, क्यूंकि जीत के लिए बस 145 वोटो की आवश्कता थी. वही, उनको 164 वोट मिले हैं. विपक्ष में केवल 99 वोट ही पड़े.

क्यों हुआ विपक्ष को नुकसान : एकनाथ शिंदे के जीत में कहीं न कहीं विपक्ष का भी हाथ है. फ्लोर टेस्ट में वोटिंग के दौरान कई ऐसे विधायक थे जो वोट नहीं डाल पाये. तो कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने विधानसभा में होने के बावजूद वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया, इससे विपक्ष को नुकसान हुआ. उद्धव गुट को वोटिंग के दौरान भी झटका लगा. उनके गुट के दो विधायकों (एक शिवसेना का, दूसरा छोटे दल का) ने शिंदे सरकार के पक्ष में वोट डाला. विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में वोट देने के दौरान कांग्रेस विधायक कैलास गोरंट्याल ने महाराष्ट्र की नई सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में पहले साम, दाम, दंड, भेद जरूरी था, लेकिन अब ईडी, सीबीआई और गवर्नर जरूरी है. 

कौन कौन विधायक रहे अनुपस्थित : महाराष्ट्र विधानसभा में वोटिंग के दौरान 8 विधायक अनुपस्थित रहे. इनमें कांग्रेस के पांच विधायक, दो SP के और एक AIMIM का है. कांग्रेस के 5 अनुपस्थित में, अशोक चव्हाण, विजय वड्डेटीवार, प्रणीती शिन्दे, ज़िशन सिद्धिकी, धीरज विलासराव देशमुख शामिल हैं.

देवेंद्र फडणवीस ने आभार जताया  : महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में एकनाथ शिंदे की धमाकेदार जीत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, 'जिन सदस्यों ने इस प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया है उनका मैं आभारी हूं. आगे उन्होंने बताया कि 1980 में शिंदे साहब ने शिवसेना में सक्रिय तौर पर काम शुरू किया था. उन्होंने साधारण कार्यकर्ता के तौर पर कई जिम्मेदारियां उठाई और आज राज्य के मुख्यनमंत्री बने हैं.

सोमवार को राज्य विधानसभा के विशेष सत्र का दूसरा दिन है. इससे पहले रविवार शाम को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना विधायकों के साथ उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा विधायकों तथा पार्टी के अन्य नेताओं की मौजूदगी में मुंबई के एक होटल में फ्लोर टेस्ट की रणनीति बनाने के लिए बैठक की. स्पीकर के चुनाव में पार्टी के दो लोग मौजूद नहीं थे. इसलिए स्पीकर चुनाव के दौरान 162 वोट ही मिले थे. लेकिन सोमवार को अग्निपरीक्षा है जिसमे शिंदे अपने पार्टी से 164 वोट चाहते है. सूत्रों कि माने तो इसी सिलसिले में रविवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी के तमाम विधायकों तथा पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मीटिंग की थी.


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