आज 29वां दिन : संदेश देने किसानों ने खून से लिखा पत्र, सरकार बोली- हम भी बातचीत के लिए हैं तैयार

आज 29वां दिन : संदेश देने किसानों ने खून से लिखा पत्र, सरकार बोली- हम भी बातचीत के लिए हैं तैयार

पटना... किसान आंदोलन का आज 29वां दिन है, लेकिन अब तक सरकार और किसान के बीच बात नहीं बनी है। एक तरफ सरकार अपने इरादे पर टिकी है तो वहीं किसान तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग पर डटे हैं। इस बीच, सरकार ने एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव भेजा है, जिस पर आज किसान विचार करेंगे। वहीं देश के किसानों का दिल्ली कूच भी लगातार जारी है।

आंदोलन को धार देने के लिए दिल्ली के कई बॉर्डर को घेर कर किसान बैठे हैं। किसान बिल को समर्थन देने वाले लोग भी बढ़ते जा रहे हैं। किसान आंदोलन में आए दिव्यांग बलबिंदर सिंह ने कहा कि इस बार हम मांग को मनवाए बिना नहीं जाएंगे। अपने ट्राइसकिल पर 450 किमी की दूरी तय करके किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे बलबिंदर सिंह ने कहा कि यह काला कानून रद्द कराकर ही यहां से वापस लौटेंगे। 

सरकार के अड़ियल रवैये को देखकर फिलहाल कानून रद्द होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कानून के समर्थन में आने वाले किसानों से मिल रहे हैं और विरोध करने वाले किसान के जवाब का इंतजार भी कर रहे हैं। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुझे आशा है कि उनका विचार हमारे सामने आएगा और हमारे सामने चर्चा के लिए आएंगे। मुझे उम्मीद है कि चर्चा के बाद समाधान निकालना संभव भी होगा। 


किसान सड़क पर ट्रैक्टर लगा कर बैठ गए हैं। दिल्ली से गाजियाबाद आने जाने वाली सड़क पर गाड़ियां रेंगती हुई दिखी। इधर, किसान सिंघु बॉर्डर पर फसल उगाने में बहने वाले पसीने की पूरी कीमत पाने के लिए सरकार को खून निकाल कर चिट्ठी लिखते नजर आ रहे हैं। किसानों ने कहा कि हम संदेश देना चाह रहे हैं कि सरकार को कानून वापस ले लेना चाहिए, इसलिए विरोध जताने के लिए मोदी को पत्र लिख रहे हैं। किसानों ने कहा कि हम एक बार फिर से गुजारिश कर रहे हैं कि उस नए काला कानून को वापस लेना चाहिए। 


Find Us on Facebook

Trending News