TOKYO OLYMPICS: भारत के खाते में एक और ‘चांदी’, 57 किलो वर्ग की कुश्ती में रवि का शानदार प्रदर्शन, ब्रॉन्ज से चूके दीपक

TOKYO OLYMPICS: भारत के खाते में एक और ‘चांदी’, 57 किलो वर्ग की कुश्ती में रवि का शानदार प्रदर्शन, ब्रॉन्ज से चूके दीपक

DESK: टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पहलवान रवि दहिया ने फाइनल के मुकाबले में ‘चांदी’ जैसी चमक दिखाते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। 57 किलो वर्ग की कैटेगरी के मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतने की उनकी उम्मीद 2 बार के वर्ल्ड चैंपियन रूस के जावुर युगुऐव ने खत्म कर दी। हालांकि, रवि सिल्वर मेडल लेकर ही भारत लौटेंगे। युगुऐव ने उन्हें 3 पॉइंट से मात दी। मैच का कुल स्कोर 7-4 रहा। इसके ही साथ भारतका 13 सालसे ओलंपिक में गोल्ड मेडल का इंतजार अभी भी जारी है। अंतिम बार 2008 में शूटर अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था।

जावुर युगुऐव ने अच्छी शुरुआत करते हुए 2-0 की बढ़त बनाई। इसके बाद रवि दहिया ने वापसी करते हुए स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। जावुर ने फिर वापसी की और दो अंक बनाते हुए 4-2 की बढ़त बना ली। पहले तीन मिनट तक स्कोर यही रहा। इसके बाद स्कोर 7-2, 7-4 से जावुर के पक्ष में ही रहा। जावुर युगुऐव ने 2018 और 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता थ। भारत को टोक्यो में अब तक दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल सहित 5 मेडल मिले हैं। ओलंपिक के सेमीफाइनल में उन्होंने ईरान के रेजा अत्रिनाघारचिनी को 8-3 से हराया था। वहीं चौथी वरीयता प्राप्त रवि दहिया ने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के नूरीस्लाम को मात दी थी। सेमीफाइनल में रवि एक समय 7 अंक से पीछे चल रहे थे, लेकिन शानदार वापसी करते हुए मुकाबला जीता था। 23 साल के रवि दहिया और 26 साल जावुर युगुऐव 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भिड़े थे। तब जावुर ने मुकाबला 6-4 से जीता। रवि ने तब ब्रॉन्ज मेडल जीता था। रवि दहिया ने 2020 और 2021 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं 2018 अंडर-23 चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

पहलवान सुशील ने भारत के लिए ओलिंपिक में लगातार दो मेडल जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। सुशील ने 2008 बीजिंग ओलिंपिक में ब्रॉन्ज और 2012 लंदन ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता था। रवि से पहले भारत ने कुश्ती में 5 मेडल जीते हैं। सुशील के अलावा योगेश्वर दत्त ने 2012 में ब्रॉन्ज, साक्षी मलिक ने 2016 रियो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीता था। केडी जाधव भारत के लिए ओलिंपिक रेसलिंग में मेडल जीतने वाले पहले रेसलर थे। उन्होंने 1952 हेलसिंकी ओलिंपिक में यह कारनामा किया था।

इस मैच से इतर भारतीय पहलवान दीपक पूनिया ने 86 किलो वेट कैटेगरी का ब्रॉन्ज मेडल मैच हार गए हैं। सैन मैरिनो के नाजेम मायलेस एमिने ने उन्हें 4-2 से हराया। 5 मिनट 40 सेकेंड तक दीपक 2-1 से आगे थे। लेकिन, इसके बाद नाजेम ने सिंगल लेग अटैक के जरिए दो पॉइंट जुटाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया। इससे पहले महिला कुश्ती में भी भारत को बड़ा झटका लगा है। भारत की दिग्गज रेसलर और वर्ल्ड नंबर-1 विनेश फोगाट को 53 किलोग्राम वेट कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल मैच में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें बेलारूस की वेनेसा कालाजिंसकाया ने 9-3 से हराया। विनेश की ब्रॉन्ज जीतने की उम्मीद भी समाप्त हो गई है। उनको हराने वाली पहलवान फाइनल में नहीं पहुंच सकी है। वहीं पहलवान अंशु मलिक ब्रॉन्ज मेडल के मैच में हार गईं। उन्हें रेपचेज राउंड में हार का सामना करना पड़ा। रेपचेज के मुकाबले में उन्हें रूस ओलंपिक समिति की वैलेरिया कोबलोवा ने उन्हें 5-1 से हरा दिया।

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