TOKYO PARALYMPICS 2020: ओलंपिक के बाद पैरालंपिक में मजबूत दावेदारी पेश करेगा भारत, 9 इवेंट में 54 पैरा एथलीट देंगे टक्कर

TOKYO PARALYMPICS 2020: ओलंपिक के बाद पैरालंपिक में मजबूत दावेदारी पेश करेगा भारत, 9 इवेंट में 54 पैरा एथलीट देंगे टक्कर

N4N DESK: टोक्यो ओलंपिक में भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद अब भारत सहित दुनियाभर के खेल प्रेमियों की निगाहें पैरालंपिक पर टिकी हुई हैं। खेलों के इस महाकुंभ का आगाज आज से हो रहा है, जो 5 सितंबर तक जारी रहेगा। भारत 1968 से पैरालिंपिक गेम्स में भाग ले रहा है। अब तक भारत ने कुल 12 मेडल जीते हैं। इस बार भारत की ओर से 9 इवेंट्स में 54 पैरा एथलीट दावेदारी पेश कर रहे हैं। इस बार पैरालंपिक में भारत ने अपना सबसे बड़ा दल भेजा है।

भारत 1968 से पैरालंपिक खेलों में भाग ले रहा है। 1968 से लेकर अबतक भारत ने इनमें 12 मेडल जीते हैं जिसमें चार गोल्ड, चार सिल्वरऔर इतने की ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।भारत की तरफ से पहला मेडल 1972 जर्मनी पैरालिंपिक गेम्स में मुरलीकांत पेटकर ने जीता था। उन्होंने स्विमिंग में गोल्ड मेडल हासिल किया था। इस बार भारत के 54 खिलाड़ी टोक्यो पैरालिंपिक में हिस्सा ले रहे हैं। भारत की ओर से पैरालिंपिक खेलों में भाग लेने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा दल है। रियो पैरालिंपिक के दौरान भारत ने पांच खेलों के लिए सिर्फ 19 खिलाड़ियों का दल भेजा था, लेकिन टोक्यो में भारतीय एथलीट नौ अलग-अलग खेलों में भाग ले रहे हैं। इस बार भारतीय पैरालिंपिक खिलाड़ियों से 10 से ज्यादा मेडल जीतने की उम्मीद है।


भारत के लिए 2016 रियो पैरालिंपिक गेम्स सबसे सफल रहा। इस पैरालिंपिक गेम्स में भारतीय एथलीटों ने सबसे ज्यादा 4 मेडल जीते थे। इसमें 2 गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल है। रियो के अलावा 1984 में न्यूयॉर्क में हुए पैरालिंपिक गेम्स में भी भारत को 4 मेडल मिले थे, पर इसमें एक भी गोल्ड शामिल नहीं था। साल 2004 के एथेंस पैरालिंपिक में भारत को एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल मिला जबकि 2021 के लंदन पैरालिंपिक में गिरिशा नागराजगौड़ा ने सिल्वर मेडल जीता था।

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