परिवहन विभाग में सात साल से जमे ‘ओएसडी’ पर गंभीर आरोप....कंप्लेन के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने जांच के दिए आदेश

परिवहन विभाग में सात साल से जमे ‘ओएसडी’ पर गंभीर आरोप....कंप्लेन के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने जांच के दिए आदेश

PATNA: बिहार में नीतीश कुमार की सुशासन की सरकार है।लेकिन इसी सुशासन वाली सरकार में पहुंच और पैरवी के बल पर अधिकारी मुख्यमंत्री के सुशासन वाली सरकार पर बट्टा लगा रहे हैं। जिस अधिकारी की ऊपर तक सेटिंग होती है वह एक हीं जगह सालों-साल तक जमा रहता है। लेकिन अगर आपकी कोई सेटिंग नहीं है तुरंत चलता कर दिए जायेंगे।बिहार में परिवहन विभाग का खेल तो निराला है।इस विभाग में नियम-कानून से चलना प्रतिष्ठा के खिलाफ मानी जाती है।तभी तो अधिकारी खुलेयाम नियम विरूद्ध जाकर काम करते हैं और उन्हें बाल-बांका नहीं होता।

अब परिवहन विभाग के ओएसडी पर गंभीर आरोप

खबर परिवहन विभाग में पदस्थापित बिहार प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी से हीं जुड़ा है। विभाग में ओएसडी के पद पर तैनात  अजीव वत्सराज के खिलाफ मुख्यमंत्री से लेकर सामान्य प्रशासन विभाग से कंप्लेन किया गया है।परिवहन विभाग के ओएसडी पर आरोप है कि वे पहुंच-पैरवी के बल पर पिछले सात सालों से एक हीं स्थान यानि परिवहन विभाग के ओएसडी के पद पर पदस्थापित हैं।मुख्यमंत्री को दिए गए आवेदन में यह आरोप लगाया गया है कि ओएसडी अजीव वत्सराज एक हीं जगह पर 7-8 सालों से जमें हैं जिस वजह से उनका दबदबा हो गया है।मोटर व्यवसाय से जुड़े लोगों को ओएसडी द्वारा परेशान किया जाता है।साथ हीं वे मनमाने तरीके से काम करते हैं।

आरोप में यह भी कहा गया है कि ओएसडी परिवहन कार्यालयों से संबंध बनाते हुए अधिकारियों से पैसे का लेन-देन भी करते हैं।इनकी वजह काम कराने वाले लोग परेशान होते हैं।लिहाजा एक हीं स्थान पर सालों से जमें बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी का तबादला किया जाए।

सीएम सचिवालय ने विभाग को भेजा पत्र

पत्र के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।मुख्यमंत्री सचिवालय ने इन आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई का आदेश दिया है।हालांकि इस संबंध में परिवहन विभाग के ओएसडी से उनका पक्ष लेने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी है। 

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