कोरोना मरीजों का इलाज सरकार की पहली प्राथमिकता, हर जिले में पूरी व्यवस्था : डॉ. रणबीर नंदन

कोरोना मरीजों का इलाज सरकार की पहली प्राथमिकता, हर जिले में पूरी व्यवस्था : डॉ. रणबीर नंदन

PATNA : राज्य में कोरोना की तीसरी लहर में मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालांकि इलाज की समुचित व्यवस्था हो रही है। इस संबंध में जनता दल यूनाइटेड के पूर्व विधान पार्षद व प्रवक्ता डॉ. रणबीर नंदन ने कहा कि कोेरोना महामारी पर बिहार सरकार पहले से ही तैयार रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आदत में रही है कि जनता एक ही चीज के लिए दोबारा परेशान नहीं होती। कुसहा बांध टूटने की घटना 2008 में हुई और उसके बाद वैसा प्रबंधन रहा कि बाढ़ तो हर साल आती है। लेकिन क्षति न्यूनतम ही रहती है। उसी प्रकार कोरोना की दूसरी लहर में अस्पतालों की जो भी कमियां दिखी, उन्हें तत्काल दुरुस्त किया गया।


डॉ. नंदन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद कोरोना से संक्रमित हुए, लेकिन कोरोना की स्थिति पर लगातार नजर बनाकर लोक सेवा का मिसाल कायम किया है। बिहार में कोरोना संक्रमण के मामलों में हर दिन बढो़तरी हो रही है। लेकिन सरकार ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि अस्पतालों में पहुंचने वाले संक्रमितों को पूरा इलाज मिले। पटना के सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में 5444 बेड की व्यवस्था कर दी गई है। दवाइयों के साथ जागरूकता के कार्यक्रम भी चल रहे हैं। राज्य के लोगों को कोरोना से बचाव संबंधी हैंडबुक बांटे जा रहे हैं। जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक कर कोरोना से बचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राजधानी पटना में लगातार नए आइसोलेशन सेंटर बनाकर बेडों की संख्या बढ़ाई जा रही है। 500 बेडों के दो आइसोलेशन सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। आवश्यकता अनुसार बेडों की संख्या, कोविड सेंटर, ऑक्सीजन सिलेंडर व दवाओं की अग्रिम व्यवस्था की जा रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को ऑन कॉल डिमांड पर मेडिकल सुविधा दी जा रही है। डॉ. नंदन कहा कि राज्य के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार वृद्धि की गई है ताकि राज्य की जनता सुरक्षित रहे। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान की ओपीडी में इलाज के लिए मरीजों का ऑनलाइन ही रजिस्ट्रेशन हो रहा है। मोबाइल एप की मदद से मरीज न सिर्फ इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं बल्कि जांच की रिपोर्ट भी ले सकते हैं।

वन्दना शर्मा की रिपोर्ट 

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