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ऑटो से घायल बच्ची के इलाज के नाम पर चालक से वसूल लिए लाखों रुपए, उधार में लिए गए पैसे नहीं चुका पाने से परेशान युवक ने की खुदकुशी की कोशिश

ऑटो से घायल बच्ची के इलाज के नाम पर चालक से वसूल लिए लाखों रुपए, उधार में लिए गए पैसे नहीं चुका पाने से परेशान युवक ने की खुदकुशी की कोशिश

GOPALGANJ :  नगर थाना क्षेत्र के हजियापुर मुहल्ला स्थित किराए के मकान रहने वाले एक युवक ने दो लाख रुपए कर्ज से परेशान होकर कीट नाशक दवा का सेवन कर आत्महत्या की कोशिश की। जिसके बाद आस पास के लोगो द्वारा उसे तत्काल ईलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया जहां युवक का डॉक्टरों के देखरेख में इलाज शुरू किया गया। कीटनाशक दवा के सेवन करने से अचेत युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के तरेया थाना क्षेत्र के तरेया सुजान गांव निवासी राघो गुप्ता के 35 वर्षीय बेटा लाल बाबू गुप्ता के रूप में की गई 

दरअसल घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश के तरेया थाना क्षेत्र के तरेया सुजान गांव निवासी लालबाबू गुप्ता ने बताया कि वह अपने परिवार के भरण पोषण के लिए एक वर्ष पूर्व गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के हजियापुर में किराए के मकान में अपने दो मासूम बच्चों और पत्नी के साथ रहता है और यहां ऑटो चला कर परिवार का भरण पोषण करता है। इसी बीच पिछले 6 माह पूर्व नगर थाना क्षेत्र के अरार मोड़ के पास उसके ऑटो से एक 6 वर्षीय बच्ची दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ऑटो चालक पिता ने उस बच्ची को लेकर तत्काल सदर अस्पताल पहुंचा जहां उसका इलाज कराया गया। युवक ने बताया कि डॉक्टर द्वारा उसे गोरखपुर रेफर कर दिया गया था लेकिन कुछ एंबुलेंस चालकों द्वारा परिजनों को बरगला कर उसे किसी प्राइवेट नर्सिंग होम में ले जाने की सलाह दे डाली।

 जिसके बाद बच्ची के परिजन प्राइवेट में ईलाज कराने कि दबाव डालने लगे।  मजबूर होकर उसे गोरखपुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया अपने पास रखे सारा पैसा बच्ची के इलाज में खर्च कर दिया और लेकिन खर्च बढ़ती जा रही थी मेरे पास अब पैसे नही थे की अब ईलाज  करवा पाऊं लेकिन मजबूरन ब्याज पर 2 लाख रुपए कर्ज लेकर बच्ची के इलाज में लगा डाला

 अब कर्जदाता अपने पैसे की डिमांड कर रहे हैं। युवक ने बताया की मेरे पास अब ना ही बच्ची के इलाज  कराने के लिए उतने पैसे है और ना ही कर्जदाता को पैसे लौटाने के लिए। कर्जदाता पैसे की लगातार डिमांड कर रहे है। जिससे परेशान होकर कीटनाशक दवा खा लिया।यु वक ने बताया कि उसके दो छोटे छोटे मासूम बच्चे हैं। आटो चलाकर कितना कमाएंगे कि परिवार चलेगा की कर्ज चुकाएंगे की बच्ची के इलाज कराएंगे।

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