तुलसी का है अध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्त्व ,वास्तु दोष को भी दूर करता है

तुलसी का है अध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्त्व ,वास्तु दोष को भी दूर करता है

डेस्क...तुलसी का पौधा लगभग हर घर में पाया जाता है. तुलसी का पौधा बुध का प्रतिनिधित्व करता है, जो भगवान कृष्ण और विष्णु का एक स्वरूप माना गया है. हमारे सनातन धर्म के अनुसार समुद्र मंथन के समय जो अमृत छलका उसी से तुलसी पौधे की उत्पत्ति हुई 

धार्मिक महत्त्व :-इसके महत्त्व को कई धार्मिक पुस्तकों में दर्शाया गया है जैसे की स्कन्द पुराण ,गरुड़ पुराण,विष्णु पुराण.पौराणिक मान्यता के अनुसार जो लोग तुलसी पौधा की देखभाल और पूजा करते है उनके पूर्व जन्म के सारे पाप धूल जाते है .मृत्यु के समय गंगाजल के साथ तुलसी को लेने से आत्मा को शांति मिलता है और मनुष्य को स्वर्ग कोई प्राप्ति होती है .

वैज्ञानिक महत्त्व:-शरीर में उर्जा का प्रवाह तुलसी सही रखता है .तुलसी एक नेचुरल एयर क्लीनर है जो वायु प्रदूषण को दूर करता है और वातावरण को शुद्ध रखता है .यह एंटीबैक्टीरियल ,एंटीफंगल जो शरीर में संक्रमण को रोकता है .

वास्तु में तुलसी का महत्त्व कई घरों में तुलसी की पूजा की जाती और यह वास्तु दोष दूर करती है . जो लोग घर की छत पर तुलसी रखते हैं आमतौर पर उनकी कुंडली में एक दोष मिलता है जिसे प्राकृत दोष कहते हैं. प्रकृति से जो ऋण या दोष हमें मिलता है उसे प्राकृत दोष कहते है तुलसी  का पौधा वास्तु दोषों को खत्म कर देता है. इसलिए तुलसी का पौधा घर में उस जगह जरूर रखना चाहिए जहां वास्तु दोष हो.  तुलसी के पौधा वास्तु शास्त्र  के अनुसार घर में पेड़-पौधे लगने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. वहीं, वास्तु में विभिन्न पेड़-पौधा का एक अलग ही महत्व माना जाता है. जैसे तुलसी  का पौधा वास्तु दोषों को खत्म कर देता है. घर के ईशान कोण में किसी तरह का का वास्तु दोष है तो इस दिशा में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए.

तुलसी के देखभाल में किन –किन चीजों का रखे ख्याल तुलसी का पौधा जहां भी रखा हो वहां भूल से भी झाड़ू या डस्टबिन न रखें. तुलसी को देवतुल्य माना गया है. वास्तु के लिहाज से तुलसी बहुत ही शुभ पौधा है.घर में सुख समृद्धि के लिए तुलसी के पौधे में संध्या काल के समय दीपक जलाएं. इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

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