बेरोजगारी ने बना डाला मुजरिम : पुलिस की नौकरी पाने की लालसा में पहुंच गया हवालात, जानिए पूरा मामला....

बेरोजगारी ने बना डाला मुजरिम : पुलिस की नौकरी पाने की लालसा में पहुंच गया हवालात, जानिए पूरा मामला....

नवगछिया... बच्चे की अपहरण वाली फिरौती पाकर पुलिस की नौकरी पाने की लालसा ने हवालात पहुंचा दिया। यह वाक्या किसी फिल्म की नहीं बल्कि हकीकत है। जी हां हम बात कर रहे हैं नवगछिया के भावनीपुर थाना क्षेत्र की जहां दो युवकों ने पुलिस में बहाली होने के लिए एक बच्चे का अपहरण कर डाला और उसके पिता से मोटी रकम मांगी। रकम नहीं देकर अपह्त बच्चे के पिता ने पुलिस की शरण ली और दोनों आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। 

बेरोजगारी के कारण तीनों बदमाशों ने अपहरण कर तुरंत लखपति बनकर रोजगार करने की चाह में बालक के अपहरण की दो साहसिक वारदात को अंजाम दिया। नवगछिया एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि बदमाशों ने पूछताछ में अपने जुर्म को कबूल करते हुए कहा कि सूरज का पिता भोज में रसोइया का काम करता है। जिससे उसे बहुत कमाई होता है, इसलिए उससे रुपए लेने के लिए उसके बेटे सूरज का अपहरण कर लिया। 

बरामद हुआ बालक 

सूरज के पिता अमरजीत रजक शादी आदि समारोह में रसोइए का काम भोजन बनाने में करता है। इसके स्वादिष्ट भोजन के कारण आयोजन में इसका व्यवसाय बढ़िया चलने लगा था। इसकी कमाई पर इसके पड़ोसी सौरभ और राकेश की नजर थी। अमरजीत के साथ गिरफ्तार सौरभ का भाई दीपक सहायक रसोइया का काम करता है। अमरजीत की कमाई कहां से कैसे होता है, इसकी जानकारी दीपक अपने भाई सौरभ को दिया करता था। दोनों का घर आसपास है। 

इस बीच सौरभ को किसी दलाल के द्वारा बिहार पुलिस में नौकरी दिलाने के बारे में कहा गया। उसके लिए रुपए की जरूरत थी, इसलिए सौरभ ने राकेश, शिवम के साथ मिलकर अपहरण का योजना बनाया। जिसमें उसने रसोइया अमरजीत के पुत्र सूरज का अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद सौरभ और राकेश, शिवम ने मोबाइल द्वारा अमरजीत से छह लाख का मांग किया, लेकिन अमरजीत के पास रुपए नहीं थे, इसलिये उसने इसकी जानकारी भवानीपुर पुलिस को दे दी। उसी मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करले सूरज को बरामद किया। 

नवगछिया से अंजनी कुमार कश्यप की रिपोर्ट..


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