आज आएगा नई मोदी सरकार का पहला बजट, झोली भर कर वोट देने वाली जनता की नजरें टिकी

आज आएगा नई मोदी सरकार का पहला बजट, झोली भर कर वोट देने वाली जनता की नजरें टिकी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में बजट पेश करेंगी। लोकसभा चुनाव में विशाल जनादेश पाने के बाद बनी नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 का ये पहला बजट है। इस बजट के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए ठोस कदम बढ़ाने की चुनौती है। नरेंद्र मोदी सरकार को झोली भर-भर कर वोट देने के बाद जनता-जनार्दन अब टकटकी लगाकर बैठी है कि निर्मला के पिटारे से उनके लिए क्या निकलता है?

बजट में राजकोषीय घाटे को काबू में रखने के साथ आर्थिक वृद्धि तथा रोजगार सृजन को गति देने पर सरकार का जोर रह सकता है। देशभर की नजरें शुक्रवार को पेश होने वाले इस बजट पर हैं।

राजकोषीय स्थिति मजबूत करने के लिये कर दायरा बढ़ाने और अनुपालन बेहतर करने के इरादे से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वालों पर 40 प्रतिशत की एक नई दर से कर लगाया जा सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए महत्वपूर्ण आयकर के मोर्चे पर कर स्लैब में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। 2019-20 के अंतरिम बजट में 5 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट देने की घोषणा की गई थी। फिलहाल 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत, 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से ऊपर आय पर कर की दर 30 प्रतिशत है।

यह बजट वैश्विक आर्थिक नरमी और मौसम विभाग के देश के कुछ भागों में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंकाओं के बीच आ रहा है। पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में आर्थिक वृद्धि दर पांच साल के न्यूनतम स्तर 6.8 तक गिर गई। चालू वित्त वर्ष के दौरान इसे फिर से सात प्रतिशत से ऊपर पहुंचाने का दारोमदार बजट पर होगा।

आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए वित्त मंत्री निवेश आकर्षित करने के इरादे से नियमों को उदार बनाने का प्रस्ताव कर सकती हैं। सरकार के समक्ष एक तरफ राजकोषीय स्थिति को मजबूत बनाने की जरूरत होगी तो दूसरी तरफ चुनावों में जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में पहल करनी होगी। भारतीय जनता पार्टी ने आम चुनावों से पहले जारी घोषणापत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ सभी किसानों को देने और लघु एवं सीमांत किसानों को 60 साल की आयु के बाद पेंशन देने का वादा किया गया है।

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