UP CRIME NEWS: गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर धड़ल्ले से हो रही विदेशी सामानों की तस्करी, प्रशासन मौन, सुरक्षा पर संकट

UP CRIME NEWS: गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर धड़ल्ले से हो रही विदेशी सामानों की तस्करी, प्रशासन मौन, सुरक्षा पर संकट

KUSHINAGAR: गोरखपुर नरकटियागंज रेलखंड तस्करों के लिए सेफ जोन बन गया है। यहां से गुजरने वाली ट्रेन यात्रियों के लिए तो नहीं, मगर विदेशी सहित कई अन्य सामान की तस्करी के लिए सुरक्षित मानी जा रही है। एक्सप्रेस सहित पसेन्जर ट्रेनों से शराब, सुपारी और नेपाली सामान की जनकर तस्करी की जा रही है। इसको लेकर कई लोगों ने सवाल भी उठाएं हैं, कि जब ट्रेन से सुपारी आ सकती है, तो हथियार भी आ सकता है। बिना बुक किए ही सत्याग्रह एक्सप्रेस से सब्जी लोड कर बिहार भेजा जा रहा है। यहां जीआरपी व आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिह्न लग गया है।

कोरोना के वजह से गोरखपुर नरकटियागंज रेलखंड पर एक पसेंजर ट्रेन चल रही है। यह ट्रेन नेपाली सामानो की तस्करी का साधन बन गया है। नेपाल से इन दिनो सुपारी व अन्य आपत्तिजनक सामग्री को बड़े तस्कर कैरियर के माध्यम से खडडा सहित आसपास के शहरों तक भेज रहे हैं। नाम ना छापने के शर्त पर एक कैरियर ने बताया की रक्सौल व अन्य स्थानों से नेपाली सामान नरकटियागंज लाया जाता है। यहां उसे कैरियर के हवाले कर दिया जाता है। सुपारी को खड्डा तक पहुंचाने के एवज में 25 रूपये प्रति किलो मिलता है। इसमें से उनको रास्ते में सुरक्षा कर्मचारियों को संतुष्ट करना पड़ता है। बड़े तस्कर हर जगह अपना सेटिंग किए रहते हैं उसे लाइन लेना कहा जाता है। एक माह के लिए तय रकम चुकाकर   लाइन  लेना होता है। नेपाल मे लगभग 380 रूपये किलो सुपारी मिलती है। जो खड्डा के कुछ व्यापारी खरीदकर वैसे ही या उसे टुकड़े में काटकर ऊंचे दाम पर बेच मुनाफा कमाते हैं। शाम को विहार से जब ट्रेन खड्डा रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है, तो सबके सामने ही नेपाली सामानो को रिक्शा ,ठेला पर लोडकर थाने के सामने से ले जाया जाता है ।विहार जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस में खडडा स्टेशन पर रिजर्वेशन व एसी बोगी तक में सब्जियों को लाद कर ले जाया जा रहा है।

सप्तक्रांति, जननायक जैसे ट्रेन से भी विहार को शराब की खेप भेजी जा रही है। कुछ दिन पहले ही विहार पुलिस ने शराब पकड़ा था। ट्रेनों के जरिए हो रही तस्करी के सोपारी व अन्य सामानों में हथियार या अन्य घातक चीज भी आ सकती है। ट्रेनों की सुरक्षा व सुरक्षा में तैनात लोगों के उपर सवालिया निशान लग गया है। पनियहवा जीआरपी के चौकी प्रभारी राम दरश यादव का कहना है की अभी ट्रेनिंग में आया हूं। इस मामले को दिखवाया जाएगा। इस संबंध में आरपीएफ कप्तानगंज के इन्सपेक्टर मुकेश सिंह ने बताया की इस मामले पर जांच व कार्रवाई हेतु सब इन्सपेक्टर को लगा दिया गया है।

Find Us on Facebook

Trending News