UP News : यूनिवर्सिटी के कुलपति के ऐतराज के बाद हरकत में आया प्रशासन, मस्जिद के साथ मंदिर में भी नहीं बजेगा लाउडस्पीकर

UP News : यूनिवर्सिटी के कुलपति के ऐतराज के बाद हरकत में आया प्रशासन, मस्जिद के साथ मंदिर में भी नहीं बजेगा लाउडस्पीकर

प्रयागराज (prayagraj) : मस्जिदों में सुबह होनेवाले अजान को लेकर इलाहाबा यूनिवर्सिटी के कुलपति द्वारा ऐतराज जताने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। आनन फानन में प्रशासन की तरफ से एक आदेश जारी कर दिया गया है, जिसके अनुसार रात के दस बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी लगा दी गई है। यह आदेश न सिर्फ मस्जिदों के लिए लागू होगा, बल्कि मंदिरों को भी पालन करना होगा। 

दरअसल,  मस्जिदों के लाउडस्पीकर से तेज आवाज में गाई जाने वाली अजान पर मचे कोहराम के बाद आईजी प्रयागराज ने रेंज के चारों जिलों के डीएम और एसएसपी को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक मंदिर और मस्जिदों में लाउडस्पीकरों को बजाने पर पाबंदी लगाने के लिए एक पत्र भेजा है. जिसमें लोगों की पर्सनल लाइफ डिस्टर्ब न हो, इसके लिए आईजी प्रयागराज ने पत्र के जरिए पॉल्यूशन एक्ट और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा है. 

शादी समारोह में रात 12 बजे तक छूट

आईजी के मुताबिक पॉल्यूशन एक्ट में भी रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की मनाही है. हालांकि शादी, विवाह या बंद कमरे में पार्टी जैसे आयोजनों पर विशेष अनुमति लेकर रात 12 बजे तक निश्चित वॉल्यूम में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी जा सकती है. आईजी ने कहा है कि डीएम, एसएसपी और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि बगैर अनुमति के कोई भी किसी पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम या माइक से तेज आवाज में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कोई अनाउंसमेंट ना करे.

रमजान के दौरान स्पीकर बजाने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

आईजी के मुताबिक बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के भाई, गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने पिछले साल रमजान से पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में लाउडस्पीकर से अजान की मांग को लेकर एक जनहित याचिका भी दाखिल की थी. जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि लाउडस्पीकर से अजान सुनाना, इस्लाम का धार्मिक हिस्सा नहीं है. कोर्ट ने कहा 'लोगों को बिना ध्वनि प्रदूषण नींद का अधिकार है और ये जीवन के मूल अधिकार में शामिल है. किसी को भी अपने मूल अधिकारों के लिए दूसरे के मूल अधिकारों का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है।

गौरतलब है कि इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने तीन मार्च को क्लाइव रोड की मस्जिद में तेज आवाज में दी जाने वाली अजान से नींद में खलल को लेकर डीएम प्रयागराज को पत्र लिखा था. उन्होंने इस पत्र की कॉपी कमिश्नर आईजी और डीआईजी को भी भेजी थी। कुलपति के इस पत्र के बाद जहां कोहराम मच गया था. मामले में मस्जिद की इंतजामिया कमेटी  ने पहल करते हुए लाउड स्पीकर की संख्या चार से घटाकर दो कर दी है और उसका वॉल्यूम भी कम कर दिया है. इसके साथ ही साथ लाउडस्पीकर की दिशा भी कुलपति के आवास की ओर से बदल दी गई है. 

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