UP NEWS: ‘योगी राज में गरीब को नहीं मिलता न्याय, प्रभु श्रीराम ही करेंगे मेरा कल्याण’, जानें पुलिस की वर्दी पर क्यों लगा लांछन?

UP NEWS: ‘योगी राज में गरीब को नहीं मिलता न्याय, प्रभु श्रीराम ही करेंगे मेरा कल्याण’, जानें पुलिस की वर्दी पर क्यों लगा लांछन?

BASTI: उत्तर प्रदेश के पुलिस अलग-अलग कारनामों की वजह से चर्चा में रहती है। कभी एनकाउंटर, तो कभी गाड़ी पलटाना या फिर किसी की पीट-पीटकर हत्या करना, कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जिन्होंने यूपी पुलिस की वर्दी पर लांछन लगाया है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है बस्ती जिले से, जहां रहने जहां के रहने वाले एक व्यक्ति ने सीधे तौर पर पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है और उन्होंने योगी सरकार को भी आड़े हाथों लिया है।

पीड़ित युवक का नाम सोमनाथ निषाद है जो कि भदेश्वर नाथ गांव, थाना कोतवाली, जिला बस्ती का रहने वाला है। यह शख्स फिलहाल अपने जिले से पैदल रामलला के पास जा रहा है। हमारे संवाददाता से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें यूपी पुलिस पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है। योगी सरकार जिस राम राज्य की बात करती है वह उत्तर प्रदेश में है ही नहीं। उन्होंने बताया कि एक दारोगा को ₹20,000 रिश्वत नहीं दे पाने की कीमत उन्हें जेल में रहकर और कई दफा जलील होकर चुकानी पड़ी। दरअसल एक दारोगा ने सोमनाथ निषाद संत से ₹20,000 नजराना के रूप में मांगे थे। जिसे दे पाने में असमर्थ होने पर दारोगा जी ने उक्त व्यक्ति पर धारा 308 और गुंडा एक्ट लगा दिया जिस वजह से उसका घर में रहना दूभर हो गया।

सोमनाथ निषाद संत ने कहा कि इसी पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ न्याय की आस में श्री राम की शरण में जा रहा हूं। मैं दारोगा जी को रिश्वत नहीं दे पाया जिसके कारण मुझपर धारा 308 और गुंडा एक्ट लगा दिया गया। न्याय के लिए मैं लखनऊ गया, अनशन किया, मगर न्याय नहीं मिला। जिला कार्यालय में बैठा तो मुझे 4 दिन जेल में रखा गया। गरीब, असहाय के घर पैदा होना रामराज्य के घर अपराध है। योगी सरकार मुझे न्याय दिलाने में असमर्थ है। अब मेरा न्याय श्रीराम करेंगे। वही मेरी विवेचना करेंगे। इसलिए मैं पैदल ही उनके शरण में जाने के लिए निकल गया हूं। अब देखना है कि सोमनाथ निषाद संत की पदयात्रा कब पूरी होती है, और वह कब रामलला के दरबार में हाजिर होते हैं।

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