JDU के कुशवाहा नेताओं ने ही उपेन्द्र कुशवाहा के 'मंत्री' पद में लगा दी लंगड़ी! तीन दिन पहले पटना में समाज के बड़े नेताओं का हुआ था जुटान

JDU के कुशवाहा नेताओं ने ही उपेन्द्र कुशवाहा के 'मंत्री' पद में लगा दी लंगड़ी! तीन दिन पहले पटना में समाज के बड़े नेताओं का हुआ था जुटान

PATNA: बीजेपी से नाता तोड़ राजद का दामन थामने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के भीतर हलचल काफी बढ़ी हुई है। पार्टी के अंदर ही खेमेबाजी शुरू हो गई है। एक गुट दल के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के खिलाफ मैदान में उतर गया है। नीतीश कुमार भले ही आरसीपी सिंह को बेदखल कर दिये हों लेकिन अब भी पार्टी के भीतर ही भीतर आग सुलग रही है। उपेन्द्र कुशवाहा को लेकर कुशवाहा नेताओं में भारी नाराजगी है। लिहाजा जेडीयू के कुशवाहा नेता उपेन्द्र कुशवाहा को रोकने के लिए गोलबंद हो रहे हैं। तीन दिन पहले ही जेडीयू के कुशवाहा नेताओं का पटना में जुटान हुआ था। इसकी जानकारी जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व को भी है। खबर है कि जेडीयू के अंदर कुशवाहा समाज के नेताओं की उपेन्द्र कुशवाहा के खिलाफ एकजुटता की वजह से नीतीश कुमार ने उन्हें मंत्री नहीं बनाने का निर्णय लिया है। 

तीन दिन पहले पटना में हुई थी मीटिंग   

जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले जेडीयू के कुशवाहा समाज से आने वाले कई वरिष्ठ नेताओं की पटना के एक होटल में बैठक हुई थी। बैठक में सांसद से लेकर पूर्व सांसद व पूर्व विधायक भी शामिल हुए थे। उस मीटिंग जेडीयू बिहार प्रदेश के एक बड़े नेता के अलावे कुशवाहा समाज से जुड़े कई अन्य नेता मौजूद रहे। बताया जाता है कि मीटिंग का एजेंडा था-उपेन्द्र कुशवाहा के रास्ते को रोकना। कहा जा रहा है कि कुशवाहा समाज के नेताओं की मीटिंग की जानकारी पार्टी के सर्वेसर्वा नीतीश कुमार तक पहुंच गई है। अपने खिलाफ समाज के ही नेताओं की गोलबंदी की भनक उपेन्द्र कुशवाहा को भी लगी है। कहा जा रहा है कि जेडीयू के अँदर कुशवाहा समाज के नेता उपेन्द्र कुशवाहा के बढ़ते प्रभाव से चिंतित हैं। लिहाजा सभी पार्टी के नेता एक साथ आकर उपेन्द्र कुशवाहा का रास्ता रोकने की तैयारी में हैं। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीमांचल इलाके के एक माननीय ने इस बैठक में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 

दिल्ली में हैं उपेन्द्र कुशवाहा 

उपेन्द्र कुशवाहा को मंत्री नहीं बनाया जा रहा है। इस वजह से पार्टी संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा नाराज हो गए हैं। नाराजगी ऐसी कि वे पटना से बाहर निकल गए हैं । वह मंत्रियों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद ही वापस पटना लौटेंगे. JDU सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधान पार्षद उपेंद्र कुशवाहा रविवार को ही पटना से दिल्ली के लिए निकल गए। जानकारी के अनुसार वे अब 20-21 अगस्त को वापस पटना लौटेंगे।

बताया जाता है की नीतीश कुमार उन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं करा रहे हैं । इस वजह से नाराज हैं । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें संगठन में ही काम करने को कहा है। दरअसल, वे काफी दिनों से इस आस में थे कि उन्हें सरकार में शामिल किया जाएगा। जेडीयू में अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के विलय के बाद नीतीश कुमार ने उन्हें संसदीय बोर्ड का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद बिहार विधान परिषद का सदस्य भी बनाया। तभी से यह चर्चा थी कि उपेंद्र कुशवाहा को नीतीश कैबिनेट में शामिल कराया जाएगा। जेडीयू का भाजपा से रिश्ता टूटने के बाद कहा जा रहा था कि इस बार उन्हें हर हाल में मंत्री बनाया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार की तरफ से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद वे पटना से बाहर निकल गए हैं। 

नाराजगी नहीं

हालांकि उपेन्द्र कुशवाहा की तरफ से कहा गया है कि नाराजगी की कोई बात नहीं है। वे दिल्ली किसी काम से आये हुए हैं।मंत्री नहीं बनाए जाने को लेकर नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है।


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