उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पहुंचे उद्योग मंत्री, कहा संस्था को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा

उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पहुंचे उद्योग मंत्री, कहा संस्था को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा

PATNA : बिहार के उद्योग मंत्री बनने के बाद सैयद शाहनवाज हुसैन ने पाटलिपुत्र इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान का बुधवार को पहली बार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन शिल्प संस्थान परिसर में शिल्पकारों से मिलने के साथ विभिन्न कलाकृतियों से भी रूबरू हुए। उन्होंने उपेंद्र महारथी शिल्प संस्थान के बारे में कहा कि यह संस्थान ईस्ट इंडिया का सबसे बड़ा शिल्प अनुसंधान संस्थान है। यह बिहार के लिए किसी धरोहर से कम नहीं है। शिल्प संस्थान को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें सरकार की भूमिका अहम होगी। मंत्री ने कहा कि  पहली बार यहां आने का अवसर मिला है। अगली बार पत्नी के साथ आएंगे। 

उपेंद्र महारथी शिल्प संस्थान में सांसद निधि से 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नई बिल्डिंग 'सेंट्रल प्लाजा के बारे में उद्योग मंत्री ने कहा कि यह बिल्डिंग जल्द तैयार करें। जिससे शिल्पकारों की ट्रेनिंग आरंभ हो सके और इसे पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सके। मंत्री ने 10 जिलों में बने सामान्य सुविधा केंद्र को जल्द आरंभ करने पर भी बल दिया। 21 अगस्त को समस्तीपुर में बने सामान्य सुविधा केंद्र का सैयद शाहनवाज हुसैन उद्घाटन करेंगे। वहीं सितंबर में मिथिला पेंटिंग के नामचीन शिल्पकारों पर लिखी पुस्तक 'नाज-ए-मिथिला का भी विमोचन करेंगे। 

मंत्री ने उपेंद्र महारथी शिल्प अनुंसधान संस्थान के निदेशक अशोक कुमार सिन्हा को कहा कि राज्यसभा सांसद आर.के सिन्हा को संस्थान में बुला कर उनसे दिशा निर्देश लें। शिल्प कलाकारों ने उद्योग मंत्री को मौके पर सिक्की की राखी बांध बधाई दी। जिस पर उन्होंने कहा कि मेरी जिम्मेदारी आप सभी के प्रति और बढ़ गई है। मंत्री ने शिल्पकारों के कलाकृतियों को देखने के बाद कहा कि इसे बाजार देने के लिए शहर में बने खादी माल, बिहार संग्रहालय प्रमुख जगह है। इसके दायरे को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। मंत्री ने मिथिला पेंटिंग में बने अंग वस्त्र दुपट्टे के बारे में कहा कि इसे और भी विधा में तैयार करने की जरूरत है। जिससे कलाओं का फलक और बढ़ सके। मंत्री ने लकड़ी से बने आकर्षक खिलौने को देखते हुए अपने बचपन के दिनों को साझा करते हुए कहा कि इन सभी खिलौने के साथ खेलते हुए बड़े हुए हैं। लेकिन आज सूचना क्रांति के दौर में इन खिलौने की मांग कम हो गई है। ऐसे में इसे बढ़ावा देने के लिए काम करना होगा। जिससे आने वाली पीढिय़ां इन खिलौने के प्रति अपना रुझान बना सके। 

मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि वो जल्द ही बिहार संग्रहालय का भ्रमण करेंगे और वहां पर शिल्प संस्थान के बने आउट लेट को देखेंगे। बिहार के शिल्प कला और कलाकारों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से जितनी सहायता होगी, वो की जाएगी, क्योंकि शिल्प कला हमारी धरोहर है। इसे बचाए रखने का जिम्मा आप सभी के साथ राज्य के सभी कलाकारों का है। 

शिल्पकार राजकुमार लाल, अशोक कुमार विश्वास, तपन विश्वास, ममता भारती, सुनीता भारती, मनोज कुमार बच्चन, समेत अन्य शिल्पकारों ने शिल्प कलाकृतियां भेंट कर बिहार के उद्योग मंत्री का स्वागत किया।

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट

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