'सिद्धीकी' के बयान पर बवाल, BJP बोली- संविधान में आस्था नहीं वे देशद्रोही...परिवार के साथ चले जाएं पाकिस्तान

'सिद्धीकी' के बयान पर बवाल, BJP बोली- संविधान में आस्था नहीं वे देशद्रोही...परिवार के साथ चले जाएं पाकिस्तान

पटना. राजद के वरिष्ठ मुस्लिम नेता अब्दुल बारी सिद्धीकी के बयान के बाद राजनीतिक बवाल मच गया है। राजद नेता ने कहा है कि अब उनके बच्चों के लिए हिंदुस्तान रहने लायक नहीं है. यहां ऐसा माहौल नहीं रह गया है कि उनके बच्चे रह सकें. लालू यादव के बेहद करीबी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान पर भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे लोग सेक्युलर मुखौटा लगाकर राष्ट्र विरोधी एजेंडा चलाते हैं. भाजपा ने कहा है कि भारत की थाली में खाकर छेद करने वाले सिद्दीकी सपरिवार पाकिस्तान चले जाएं.  

जिसे देश के संविधान में आस्था नहीं वो देशद्रोही-बीजेपी 

भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं भाजपा प्रवक्ता डॉ० निखिल आनंद ने राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान निंदा करते हुए कहा की ये लोग मदरसा संस्कृति से अभी भी बाहर नहीं निकल पाए हैं। जगजाहिर है कि ऐसे लोग सेक्युलरिज्म और लिबरलिज्म के मुखोटे में राष्ट्रविरोधी और धार्मिक एजेंडा चलाते हैं। सिद्दीकी का बयान आरजेडी की विचारधारा को परिलक्षित करता है और साबित करता है की आरजेडी किस तरह धार्मिक तुष्टीकरण एवं मुस्लिमपरस्ती की राजनीति करती है।निखिल आनंद ने सिद्दीकी की निंदा करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को भारत राष्ट्र और उसके संविधान में आस्था नहीं, वह निश्चित ही देशद्रोही है। सिद्दीकी भड़काऊ बयान देकर अपने किन आकाओं को खुश करना चाहते है? निखिल ने कहा कि जननी जन्मभूमि स्वर्गादपि गरीयसी का भाव वाले भारत भूमि पर एक नागरिक और सदन के सदस्य के तौर पर प्रिविलेज एंजॉय करके रोने- गाने और भारत की थाली में खाकर छेद करने वाले सिद्दीकी सपरिवार पाकिस्तान चले जाएँ तो बेहतर होगा।

अब्दुल बारी सिद्धीकी ने क्या कहा....

 लालू यादव के सबसे करीबी नेता माने जाने वाले अब्दुल बारी सिद्दीकी ने यह टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि भारत में अब ऐसा दौर आ गया है कि हम अपने बच्चों को यह कहने के लिए मजबूर हैं कि वे विदेश में ही रह जाएं. सिद्दीकी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश में कथित रूप से रहने लायक माहौल नहीं होने की बात की. विशेषकर अपने बच्चों के लिए उन्होंने चिंता जताई कि हिंदुस्तान में ऐसा दौर आ गया है कि वे अपने बच्चों को मातृभूमि छोड़ने के लिए कह रहे हैं. अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा, मेरा एक बेटा हार्वर्ड में पढ़ता है, बेटी लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पास आउट है. जो देश का माहौल है. हमने कहा अपने बेटा बेटी को नौकरी कर लो वहीं, अगर सिटीजनशिप भी मिलता है तो ले लो. अब इंडिया में माहौल नहीं रह गया कि तुम लोग झेल पाओगे या नहीं झेल पाओगे. आप समझ सकते हैं कि कितनी तकलीफ से आदमी ये बात अपने बाल-बच्चों कहेगा कि अपनी मातृभूमि को छोड़ दो. ये दौर आ गया है.अब्दुल बारी सिद्दीकी ने जेपी आंदोलन से अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की. वे वर्ष 1977 में पहली बार सांसद बने और 7 बार बिहार विधानसभा के सदस्य रहे हैं. दरभंगा जिले से आने वाले सिद्दीकी लालू और राबड़ी सरकार में मंत्री रहे. साथ ही लालू यादव के सबसे करीबी नेताओं में जाने जाते हैं. वे राजद के मुस्लिम चेहरे के रूप में देखे जाते हैं. लेकिन अब उन्होंने देश के माहौल को लेकर बड़ा सवाल किया है. यहां तक कि अपने बेटे-बेटी को लिए भारत को रहने लायक माहौल वाला देश नहीं बताया. 




Find Us on Facebook

Trending News