वैक्सीन का डर! सरकारी कर्मी जबरन पकड़कर टीका लगा देंगे, इसलिए कम्यूनिटी किचन में खाने नहीं जा रहे हैं आदिवासी समुदाय के लोग

वैक्सीन का डर! सरकारी कर्मी जबरन पकड़कर टीका लगा देंगे, इसलिए कम्यूनिटी किचन में खाने नहीं जा रहे हैं आदिवासी समुदाय के लोग

KAIMUR : सरकार द्वारा लॉकडाउन के अवधि में कोई भूखा ना रहे इसको देखते हुए सामुदायिक किचन की व्यवस्था जिले के साथ सभी प्रखंडों में किया गया है। भगवानपुर प्रखंड के समुदायिक किचन में अनुसूचित जाति जनजाति के लोग इसलिए खाना खाने नहीं जा रहे हैं कि वहां जाने पर उन्हें पकड़ कर जबरन टीका लगा दिया जाएगा।

दरअसल कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय में समुदायिक कीचन 18 मई से चल रहा है। सरकार का फोकस है वैसे सभी लोगों को खाना खिलाना है जो जरूरतमंद है। अंचलाधिकारी ने भी समुदायिक किचन वहीं पर खुलने की बात कही जहां अनुसूचित जाति जनजाति के ज्यादा लोग रहते हैं। लेकिन बुधवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी भगवानपुर और स्वास्थ्य विभाग की टीम वैक्सिन का डब्बा लेकर सामुदायिक किचन पहुंचे। जो खाना खाने आए हैं और जिनको वैक्सीनेशन नहीं हो पाया उनको वैसे लगवाने के उद्देश्य से पहुंच कर लोगों को जागरूक करने लगे, और सब से आहवान भी करने लगे कि जिन्होंने वैक्सिन नहीं लिया है वह वैक्सीन यहां पर ले सकता है।

सिर्फ इतना ही सुनना था कि  तब समुदायिक किचन में अनुसूचित जाति  जनजाति के लोग खाना खा रहे थे। र अचानक वैक्सीन की बात सुनते ही सभी लोग वहां से खाना छोड़ कर फरार हो गए। फिर बीडीओ साहब वैक्सीन लगाने की नियत से वहां रसोइया और सभी पदाधिकारियों को मौखिक कह डाला कि बिना वैक्सीन लगवाए लोगों को खाना नहीं खिलाइये इतना बात सुनते ही अनुसूचित जाति और जनजाति बस्ती के लोग समुदायिक कीचन में जाना ही छोड़ दिए। समुदायिक किचन पर लोगों को नाबालिक बच्चे खाना खिलाते हुए दिखाई दिए। ये नाबालिक बच्चे अधिकारी को फिजिकली मेंटेन होने के कारण कम उम्र के दिखाई दे रहे हैं। 

अनुसूचित जाति जनजाति बस्ती के महिलाएं बताती है हम लोग खाना खाने नहीं जाएंगे क्योंकि वहां पर जबरन सुई दिया जा रहा है। हम लोग के घर खाना है खा लेंगे लेकिन सूई नहीं लेंगे। वही अधिकारी बताते हैं सुई सबको जबरन नहीं दिया जा रहा है । जागरूकता के उद्देश्य से लोगों को मोटिवेट किया जा रहा है और समुदायिक किचन इन्हीं लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य अनुसूचित जाति और जनजाति बस्ती के पास ही बनाया गया है। रही बात नाबालिक बच्चे की तो सभी लोग बालिग हैं और डिग्री कालेज में पढ़ने वाले हैं।फिजिकली इतना मेंटेन है कि नाबालिग दिखाई दे रहे है 


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