ज्ञानवापी विवाद मामले में वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला : हिंदू पक्ष की दलीलें मानी गयी, मुस्लिम पक्ष की याचिका को किया खारिज

ज्ञानवापी विवाद मामले में वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला : हिंदू पक्ष की दलीलें मानी गयी, मुस्लिम पक्ष की याचिका को किया खारिज

Desk. यूपी के वाराणसी में ज्ञानवापी और श्रृंगार गौरी मामले पर वाराणसी अदालत ने हिंदू पक्ष के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने माना कि हिंदू पक्ष की दलील सुनने लायक है और इन्हें सुनी जानी चाहिए। वहीं अदालत ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया। वहीं इस मामले में जिला कोर्ट आगे भी सुनवाई करेगा। इस पर अगली सुनवाई 22 सितंबर 2022 को होगी।  

कोर्ट के फैसले के दौरान हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन कोर्ट में मौजूद थे। हालांकि मुख्य याचिकाकर्ता राखी सिंह मौजूद नहीं थीं। जज ने कुल 62 लोगों को कोर्ट रूम में मौजूद रहने की इजाजत दी थी। इस मामले में 24 अगस्त को हिंदू और मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी हो गई थी। इसके बाद वाराणसी के जिला जज एके विश्वेश ने 12 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।

वहीं इस दौरान मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे यूपी में पुलिस अलर्ट पर है। वाराणसी के पुलिस कमिश्‍नर ने 1 सितम्‍बर की शाम से ही पूरे वाराणसी में धारा-144 लागू कर दी थी। सोमवार को सुबह से ही वाराणसी के चप्‍पे-चप्‍पे पर फोर्स तैनात है, ताकि कोई अप्रिय घटना नहीं हो।

यह है मामला

बता दें कि 18 अगस्त 2021 को 5 महिलाएं ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मां श्रृंगार गौरी, गणेश जी, हनुमान जी समेत परिसर में मौजूद अन्य देवताओं की रोजाना पूजा की इजाजत मांगते हुए कोर्ट पहुंची थीं। अभी यहां साल में एक बार ही पूजा होती है। इन पांच याचिकाकर्ताओं का नेतृत्व दिल्ली की राखी सिंह कर रही हैं, बाकी चार महिलाएं सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक बनारस की हैं। 6 अप्रैल 2022 को वाराणसी सिविल कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी और अन्य देव विग्रहों के सत्यापन के लिए वीडियोग्राफी और सर्वे का आदेश दिया था।


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