वैशाली लोकसभा सीट: एनडीए उम्मीदवार वीणा देवी को मिल सकता है पीएम मोदी और सीएम नीतीश की छवि का फायदा

PATNA : 17वीं लोकसभा के चुनावों का शंखनाद हो चुका है। छठे चरण में 12 मई को वैशाली लोकसभा सीट पर मतदान होना है। इस सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन दोनों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वैशाली सीट से लोजपा की प्रत्याशी वीणा देवी पहली बार लोकसभा के लिए लड़ेंगी। वहीं सामने राजद से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह हैं। वीणा देवी को इस चुनाव में पीएम मोदी और बिहार के सीएम नीतीश की छवि का फायदा मिलने की भरपूर उम्मीद है। वैशाली राजपूत बाहुल सीट मानी जाती है। इस बार दोनों प्रमुख उम्मीदवार इसी जाति से आते हैं। हालांकि वैशाली में भूमिहार वोटरों की तादाद भी काफी अच्छी है। मोदी सरकार द्वारा सवर्णों को दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण की भूमिका भी नहला पर दहला के बराबर बताया जा रहा है। जानकार बताते हैं कि आरजेडी नेतृत्व के द्वारा सवर्ण आरक्षण का पूरजोर विरोध के कारण सवर्ण मतदाताओं में काफी रोष है। आरजेडी उम्मीदवार रघुवंश प्रसाद सिंह को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। दूसरी ओर वीणा देवी के पति एमएलसी दिनेश सिंह का राजपूत और भूमिहार सहित अन्य वर्गों में खासा प्रभाव है। इसी प्रभाव के बल पर वे लगातार मुजफ्फरपुर से एमएलसी चुनाव जीतते रहे हैं।

वीणा देवी को नहीं है एंटी इंकम्बेंसी का डर 

जानकारों की मानें तो वीणा देवी वैशाली के लिए सांसद उम्मीदवार के तौर पर फ्रेश चेहरा हैं इसलिए इनको संभवत: एंटी इंकम्बेंसी फैक्टर का कोई खतरा नहीं है। बता दें कि बीजेपी की पूर्व विधायक और जदयू एमएलसी दिनेश सिंह की पत्नी वीणा देवी  पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रही है। इससे पहले 2010 में वीणा देवी गायघाट से बीजेपी के टिकट पर विधायक चुनी गयीं थी।तब वह सीट तालमेल में बीजेपी को मिली थी। तब चुनाव लड़ाने के लिए वीणा को बीजेपी में शामिल कराया गया था। जिला परिषद मुजफ्फरपुर की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष रह चुकी वीणा देवी के पति दिनेश सिंह स्थानीय क्षेत्र प्राधिकार से लगातार तीन टर्म से एमएलसी हैं।

वैशाली का चुनावी इतिहास

वैशाली सीट शुरू से कांग्रेस का गढ़ रहा है। वैशाली लोकसभा सीट से चुनाव जीतने वाले पहले शख्स थे दिग्विजय नारायण सिंह। वे लगातार पांच बार यहां से लोकसभा के लिए चुने गए। वहीं इस सीट से जीतने वाली पहली महिला जनप्रतिनिधि थीं किशोरी सिन्हा। 1980 और 1984 में किशोरी सिन्हा, 1989 में उषा सिन्हा यहां से जीतने में कामयाब रहीं। 1991 में जनता दल के शिव शरण सिंह यहां से जीते। 1994 में हुए उपचुनाव में बिहार पीपुल्स पार्टी की लवली आनंद इस सीट से चुनकर गईं। वे बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी हैं। इसके बाद 1996 में रघुवंश प्रसाद सिंह जनता दल के टिकट पर जीते, इसके बाद के चार चुनावों 1998, 1999, 2004 और 2009 में आरजेडी के टिकट पर रघुवंश प्रसाद सिंह वैशाली से जीतकर लोकसभा गए और केंद्र में मंत्री भी बने।

2014 में रघुवंश की हुई थी करारी हार

2014 के मोदी लहर में बीजेपी के सहयोगी दल एलजेपी के रामा सिंह को यहां से टिकट मिला और वे जीतने में कामयाब रहे।16वीं लोकसभा के लिए 2014 में हुए चुनाव में वैशाली सीट से एलजेपी के रामा किशोर सिंह विजेता रहे थे। उनको 305450  वोट मिले थे। गौरतलब है कि रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी इस चुनाव में एनडीए के साथ मिलकर लड़ी थी और उसे मोदी लहर का पूरा फायदा मिला था। दो नंबर पर रहे आरजेडी उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह। जिन्हें 206183  वोट मिले। 104229 वोटों के साथ बाहुबली मुन्ना शुक्ला की पत्नी और निर्दलीय उम्मीदवार अनु शुक्ला तीसरे नंबर पर रहीं। इस सीट से 2009 के चुनाव में रघुवंश प्रसाद सिंह ने जेडीयू के विजय कुमार शुक्ला को 21405 वोट से हराया था।

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