फैसला : बिहार के 599 इंटर कॉलेजों को अनुदान मिलने का रास्ता साफ

फैसला : बिहार के 599 इंटर कॉलेजों को अनुदान मिलने का रास्ता साफ

डेस्क... बिहार के 599 इंटर कॉलेजों तथा 16 माध्यमिक विद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2014-16 से अनुदान मिलने का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा विभाग शीघ्र इसकी अधिसूचना जारी करेगा। इन संबद्ध इंटर कॉलेजों और महाविद्यालयों को अनुदान वितरण की स्वीकृति दी गई। साथ ही, इन शिक्षण संस्थानों की संबद्धता के लिए निर्धारित मापदंडों की पूर्ति के लिए अंतिम तिथि को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।  सरकार के इस निर्णय से जहां इन संस्थानों में आगे विद्यार्थियों का नामांकन हो सकेगा। साथ ही इन संस्थानों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को बकाया मानदेय का बकाया भुगतान हो सकेगा। कैबिनेट की बैठक में कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
 
राज्य के बालू घाटों की बंदोबस्ती 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दी गई है। पुराने बालू बंदोबस्तधारी जिनकी खनन की पर्यावरणीय स्वीकृति की अवधि बची हुई है, उन्हीं की बंदोबस्ती 31 मार्च, 2021 तक के लिए बढ़ाई गई है। 50 प्रतिशत बंदोबस्ती राशि की वृद्धि के साथ यह स्वीकृति दी गई है। खान एवं भूतत्व विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। विभाग ने कहा है कि एनजीटी द्वारा पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाने के कारण एक जनवरी, 2021 से बालू खनन बंद हो जाएगा।


बिहार में आने वाला नया साल शहरीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। राज्य में करीब डेढ़ सौ नए बाजार गुलजार होंगे। यह नए शहर बिहार में विकास की रफ्तार को नई गति देंगे। राज्य कैबिनेट में नए शहरी निकायों के गठन को मंजूरी दी जा चुकी है। अब उन्हें जमीनी आकार देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन नए शहरों का असर सीधे तौर पर बिहार की सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक गतिविधियों पर दिखेगा। नए शहरों के आकार लेने से राज्य में शहरीकरण करीब 20 प्रतिशत हो जाएगा। निकाय बनने पर राज्य में शहरी इलाकों का विस्तार होगा। उन इलाकों में विकास कार्यों में तेजी आएगी। राज्य सरकार के साथ ही केंद्र की विभिन्न योजनाओं का लाभ इन शहरों को मिलेगा। 

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